अच्छा ख़ासा मुनाफा देता है पोल्ट्री बिज़नस, जाने कैसे करें इसकी शुरुआत

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आय के साधन के रूप में पोल्ट्री बिज़नस शुरू करना कब बड़ा व्यवसाय बन जाए कह नहीं सकते हैं। पोल्ट्री बिज़नस की शुरुआत आप भले ही छोटी रूप में करते हैं, लेकिन इसमें मुनाफा अच्छा ख़ासा होने की वजह से यह जल्दी ही बड़ा व्यवसाय बन जाता है। यदि इस व्यवसाय को सही तरीके से चलाते है, और इसकी शुरुआत करने के लिए अच्छे से रिसर्च करते है, तो आपका व्यवसाय दिन दूनी रात चौगनी वृधि करता है। चलिए बिना देरी किए जानते हैं, पोल्ट्री बिज़नस शुरू करने के लिए बिज़नस प्लान के बारे में।

परिचय

कुक्कुट पालन एक अविश्वसनीय और लाभ देने वाला व्यवसाय है। विश्व में इस व्यवसाय के प्रति उतना ध्यान नहीं दिया गया है, जितना देना चाहिए। इसे अपनी स्थिति से हमेशा कम आंका गया है।

इसे कम क्यों आंका गया है?

इसे कम आंकने की पहली वजह यह है कि अधिकांश टियर 1 शहरों में बहुत से लोग इससे जुड़ना नहीं चाहते हैं। दूसरा यह एक विशाल और अविश्वसनीय रूप से विविध बाजार है। लोग इसे सही से समझ नहीं पाए हैं। पोल्ट्री बिज़नस में न केवल मांस का उपयोग करते हैं, बल्कि इन जानवरों से उपज लेने के भी विभिन्न तरीके हैं। जैसे – अंडे, अपशिष्ट, यहां तक ​​कि खाल भी व्यापार किया जाता है। इस लेख में हम देखेंगे कि इन सब चीजों का उपयोग कैसे किया जाता है। आप कैसे पोल्ट्री बिज़नस को सही तरीके से चला सकते हैं।

आज हम यह पता लगाने जा रहे हैं कि क्या पोल्ट्री फार्मिंग व्यवसाय उतना ही अच्छा है जितना हम कहते हैं। चलिए जानते  हैं, भारत में पोल्ट्री व्यवसायों के लिए एक  योग्य व्यवसाय मॉडल का ड्राफ्ट कैसे तैयार किया जाए। इसके साथ ही इस बिज़नस को शुरू करने के लिए आपको क्या कदम उठाना चाहिए।

भारत में पोल्ट्री उद्योग अच्छा या बुरा ?

भारत में, पोल्ट्री उद्योग ने पिछले दो दशकों में संरचना और संचालन दोनों के संदर्भ में काफी परिवर्तन देखा है। यह एक साधारण व्यवसाय से बड़ी संख्या में प्रतिभागियों के साथ एक प्रमुख व्यवसाय के रूप में विकसित हो रहा है । आप सोच रहे होंगे कि भारतीय पोल्ट्री फार्मिंग बाजार को कैसे प्रेरित करता है। इसका जवाब है कि यह बढ़ती आय, बदलते खाद्य पैटर्न, बड़े पैमाने पर अप्रयुक्त बाजार, खाद्य सेवाओं के बाजार में वृद्धि और बेकरी खाद्य बाजार में वृद्धि का एक कॉम्बिनेशन है। जो इसे प्रेरित करता है।

“इसमें कोई संदेह नहीं है कि भारतीय पोल्ट्री बाजार 1.9 बिलियन रुपये से अधिक का है”

कौन सा राज्य सबसे ज्यादा अंडे का उत्पादन करता है?

पशुपालन विभाग के अनुसार, देश में शीर्ष अंडा उत्पादक राज्य में आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, तेलंगाना, पश्चिम बंगाल और हरियाणा शामिल है। देश में अंडा उत्पादन का 65 प्रतिशत हिस्सा इन राज्यों से प्राप्त होता है (स्रोत: द टाइम्स ऑफ इंडिया)। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) का सुझाव है कि प्रत्येक व्यक्ति प्रति वर्ष 180 अंडे खाना चाहिए। हालांकि, वास्तविक खपत इससे काफी कम है।

किस राज्य में अंडे की सबसे ज्यादा खपत होती है?

राष्ट्रीय अंडा समन्वय समिति (एनईसीसी) के अनुसार, कोविड के प्रकोप के बाद से घरेलू अंडे की खपत में 3 मिलियन की वृद्धि हुई है। डॉक्टरों, चिकित्सा कर्मियों और विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों ने लोगों को रोग प्रतिरोधक क्षमता का स्तर बढ़ाने और वायरस से लड़ने के लिए अधिक अंडे खाने की सलाह दी है। कोविड -19 से पहले, अंडे की खपत प्रतिदिन 170 मिलियन तक थी, लेकिन महामारी के बाद यह बढ़कर 2 मिलियन प्रति दिन हो गई थी।  हैदराबाद अकेला ऐसा राज्य है जहां सबसे ज्यादा  में 7.5 मिलियन अंडे की खपत हुई। नतीजतन, यह राज्य प्रति व्यक्ति रिकॉर्ड वाले देशों में सबसे ऊपर है। एनईसीसी के अनुसार,  राष्ट्रीय पोषण संस्थान हर एक व्यक्ति को  प्रति वर्ष 181 अंडे खाने की सलाह देता है। तेलंगाना इस लक्ष्य को पूरा करने वाला एकमात्र राज्य है। उसके बाद दुसरे स्थान पर तमिलनाडु है। जहां प्रति व्यक्ति प्रति वर्ष लगभग 140 अंडे खाए जाते हैं (स्रोत: द न्यू इंडियन एक्सप्रेस)।

पोल्ट्री फार्म के लिए व्यवसाय योजना

कार्यकारी सारांश (Executive Summary)

आपके कार्यकारी सारांश का उद्देश्य पाठक को तेजी से आकर्षित करना होता है।  इस कार्यकारी सारांश में बताएं कि आपके पास किस प्रकार का पोल्ट्री फार्म है, और यह कैसा चल रहा है। उदाहरण के लिए, क्या आप एक स्टार्टअप हैं, क्या आपका कोई पोल्ट्री फार्म व्यवसाय है जिसका आप विस्तार करना चाहते हैं, या क्या आपके पास कई पोल्ट्री फार्म व्यवसाय है?

उसके बाद, अपनी योजना के प्रत्येक भविष्य के घटकों की रूपरेखा दें। उदाहरण के लिए, कुक्कुट पालन क्षेत्र का संक्षिप्त विवरण दें। अपने पोल्ट्री फार्म के प्रकार के बारे में बात करें। अपने प्रत्यक्ष प्रतिस्पर्धियों का विस्तार से वर्णन करें। अपने लक्षित बाजार का संक्षिप्त विवरण दें। अपनी मार्केटिंग रणनीति का संक्षिप्त विवरण दें। निर्धारित करें कि आपकी टीम के सबसे महत्वपूर्ण सदस्य कौन हैं। यह कैसे काम करते हैं।

कंपनी विश्लेषण (Company Analysis)

अपनी कंपनी के विश्लेषण में, आप अपने द्वारा संचालित पोल्ट्री फार्म के प्रकार का वर्णन करेंगे, जैसे ब्रीडर फार्म, ब्रायलर फार्म और पुललेट फार्म आदि। इसमें पोल्ट्री फार्म व्यवसाय के प्रकार की व्याख्या करने के अलावा, आपकी व्यवसाय योजना के कंपनी विश्लेषण सेक्शन में  कंपनी की पृष्ठभूमि की जानकारी प्रदान करनी चाहिए।

इसमें ऐसे सवालों के जवाब शामिल करें:

·         आपने कंपनी कब और क्यों शुरू की?

·         आपने अब तक क्या उपलब्धियां हासिल की हैं? आपके व्यवसाय में मील के पत्थर क्या सबित हुए या होंगे। जैसे उत्पादित मुर्गियों या टर्की की संख्या, उत्पादन से जुड़े सेक्शन की संख्या आदि शामिल कर सकते हैं।

·     आपका कानूनी ढांचा क्या है। क्या आप एक एस-कॉर्प हैं? एक सीमित देयता कंपनी क्या है? एक एकल स्वामित्व वाले हैं? इस भाग में अपने कानूनी ढांचे का वर्णन करें।

उद्योग विश्लेषण (Industry Analysis)

आपको अपने उद्योग विश्लेषण में पोल्ट्री फार्म उद्योग का एक एनालिसिस प्रदान करना चाहिए। हालांकि यह आपको अनावश्यक प्रतीत हो सकता है, लेकिन यह इस उद्योग से जुड़े हुए कई उद्देश्यों को पूरा करता है।  पोल्ट्री फार्म उद्योग के बारे में अधिक जानने के लिए एक शोध करके इसकी शुरुआत करें। यह उस बाजार को समझने में आपकी सहायता करता है, जिसमें आप काम करते हैं या काम करना शुरू करने वाले हैं। ऐसे समय में उद्योग विश्लेषण आपकी रणनीति को बेहतर बनाने में आपकी मदद कर सकता है, खासकर अगर यह बाजार के रुझानों की पहचान करता है।

उद्योग विश्लेषण करने का तीसरा कारण यह है कि यह लोगों को बताता है कि आप अपने क्षेत्र के कितने विशेषज्ञ है, कितनी जानकारी रखते हैं। आप उद्योग विश्लेषण  का संचालन करके जब  इसे अपनी योजना में शामिल करते हैं, तो आपको बाजार के बारे में गहराई से जानकारी मिलती है। अपनी पोल्ट्री फार्म व्यवसाय योजना के उद्योग विश्लेषण सेक्शन में, आपको निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर देने चाहिए:

·         आपके पोल्ट्री फार्म उद्योग का आकार क्या है?

·         पोल्ट्री उद्योग से जुड़ा हुआ बाजार गिर रहा है या बढ़ रहा है?

·         पोल्ट्री फार्म बाजार में  मुख्य प्रतियोगी कौन हैं?

·         पोल्ट्री फार्म उद्योग  बाजार के मुख्य आपूर्तिकर्ता कौन हैं?

·         वर्तमान में पोल्ट्री फार्म उद्योग के रुझान क्या हैं?

·     अगले 5-10 वर्षों के लिए पोल्ट्री फार्म उद्योग के विकास के अनुमान क्या हैं?

इसके अलावा, आपको यह भी इसमें  पूछना होगा कि संबंधित बाजार का आकार क्या है – यानी आपके पोल्ट्री फार्म का संभावित बाजार कितना बड़ा है? आप पहले अपने देश के बाजार के आकार का निर्धारण करें। उसके बाद उन आंकड़ों को अपने लक्षित बाजार में लागू करें। इस तरह से आप आंकड़ों को एक्सट्रपलेशन कर सकते हैं।

ग्राहक विश्लेषण (Customer Analysis)

आपके पोल्ट्री फार्म व्यवसाय योजना के ग्राहक विश्लेषण सेक्शन में उन ग्राहकों के बारे में जानकारी शामिल होनी चाहिए, जिन्हें आप वर्तमान में सेवा देते हैं। इसके साथ ही जिनको आप भविष्य में सर्विस देना चाहते हैं, उनके बारे में बताए। जैसे  प्रोसेसर, किराना स्टोर और रेस्तरां यह सब कस्टमर सेगमेंट के उदाहरण हैं।

जैसा कि आप उम्मीद कर सकते हैं, आपके द्वारा चुने गए कस्टमर सेगमेंट का आपके द्वारा चलाए जाने वाले पोल्ट्री फार्म व्यवसाय के प्रकार पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ेगा। उदाहरण के लिए, प्रोसेसर, और रेस्तरां दोनों अलग-अलग सेगमेंट है। जिस वजह से इनके लिए कि जाने वाली मार्केटिंग भी अलग ही होगी। हमें दोनों के प्रचार के लिए अलग-अलग तरीकों को अपनाना होगा।

साइकोग्राफिक प्रोफाइल आपके लक्षित ग्राहकों की इच्छाओं और जरूरतों की व्याख्या करते हैं। जितने बेहतर तरीके से आप इनकी जरूरतों को समझते हैं और परिभाषित करते हैं, उतना ही बेहतर आप ग्राहकों को आकर्षित करने और बनाए रखने में सक्षम होंगे।

प्रतिस्पर्धी विश्लेषण (Competitive Analysis)

प्रतिस्पर्धी विश्लेषण को आपकी कंपनी के अप्रत्यक्ष और प्रत्यक्ष प्रतिस्पर्धियों की पहचान करनी चाहिए, जिस पर बाद में ध्यान देना चाहिए। प्रतिस्पर्धी विश्लेषण में इन बातों को जोड़े।

·         अन्य पोल्ट्री फार्म व्यवसाय आपके प्रत्यक्ष प्रतियोगी होंगे।

·     अप्रत्यक्ष प्रतियोगी आपके प्रत्यक्ष प्रतिस्पर्धियों के विकल्प होंगे, जिन्हें ग्राहक कहीं से भी खरीद सकते हैं। जैसे अन्य मांस के उत्पादक- बीफ, सूअर का मांस, या मछली, साथ ही साथ मांस के अन्य विकल्प भी शामिल हैं। आपको ऐसी प्रतियोगियों के बारे में भी जिक्र करना चाहिए।

आपको अन्य पोल्ट्री फार्मों का वर्णन भी करना चाहिए, जिनके साथ आप सीधी  प्रतिस्पर्धा करते हैं। आपके प्रत्यक्ष प्रतियोगी आपके फार्म के पास वाले पोल्ट्री फार्म होंगे।

आपके प्रतिस्पर्धी विश्लेषण के अंतिम भाग में प्रतिस्पर्धात्मक लाभ के क्षेत्रों की एक सूची शामिल होनी चाहिए। उदाहरण के तौर पर :

·         क्या आप पोल्ट्री फार्म में बेहतर निर्माण तकनीकों का इस्तेमाल करेंगे?

·         क्या आप पोल्ट्री फार्म से जुड़ी ऐसी सेवाओं की पेशकश करेंगे जो आपके प्रतिस्पर्धी नहीं देते हैं?

·         क्या आप पोल्ट्री फार्म से जुड़ी अपनी कस्टमर सर्विस में सुधार करेंगे?

·     क्या आप अपनी पोल्ट्री फार्म के उत्पादों की कीमतें कम करेंगे?

विचार करें कि आप अपने प्रतिस्पर्धियों को कैसे मात देंगे और आप उन्हें अपनी योजना के इस भाग में शामिल करेंगे।

मार्केटिंग प्लान (Marketing Plan)

एक मार्केटिंग रणनीति में आम तौर पर चार चीजें शामिल होती है : उत्पाद, मूल्य, स्थान और प्रचार। आपके पोल्ट्री फार्म व्यवसाय योजना के लिए तैयार किये जाने वाले मार्केटिंग प्लान में भी निम्नलिखित चीजें  शामिल होना चाहिए:

उत्पाद (Product): आपने उत्पाद क्षेत्र में अपनी कंपनी विश्लेषण में जिस प्रकार की पोल्ट्री फार्म कंपनी का दस्तावेजीकरण किया गया है, उसे यहां दोहराना चाहिए। उसके बाद किस तरह के उत्पाद अपने ग्राहकों को प्रदान करेंगे।  इस तरह की सटीक चीज़ों के बारे में गहराई से बताए।

कीमत (Price): उन कीमतों की एक सूची बनाएं जो आप पेश कर रहे हैं, और वे आपके प्रतिस्पर्धियों से कैसे कम है। इसकी तुलना करें। आपकी मार्केटिंग योजना के उत्पाद और मूल्य के सब सेक्शन में अनिवार्य रूप से आपके द्वारा प्रदान की जाने वाली वस्तुओं और सेवाओं के साथ-साथ उनकी कीमतों को प्रस्तुत करें ।

स्थान (Place): आपका पोल्ट्री फार्म व्यवसाय किस जगह पर स्थापित है। यह आपकी सफलता में कैसे योगदान देगा। इस बात को यहां नोट करें।

प्रमोशन (Promotion): प्रमोशन का सेक्शन आपकी पोल्ट्री फार्म मार्केटिंग योजना का अंतिम भाग है। आप इस सेक्शन में इस बारे में लिखें कि, आप अपने स्टोर पर ग्राहकों को कैसे लाएंगे। आप प्रमोशन के लिए निम्नलिखित रणनीतियों के बारे में भी विचार कर सकते हैं:

·         प्रमोशन के लिए व्यापार से जुड़ी पत्रिकाओं और पब्लिकेशन के द्वारा विज्ञापन करना एक शानदार तरीका है।

·         प्रमोशन के लिए  कृषि क्षेत्र में विस्तार करने वाले कार्यालयों से संपर्क करना।

·         प्रमोशन के लिए  फ्लायर्स से मिलना।

·         प्रमोशन के लिए सोशल मीडिया पर मार्केटिंग करना।

·     प्रमोशन के लिए  स्थानीय रेडियो पर विज्ञापन देना।

संचालन योजना (Operations Plan)

 आपकी कंपनी योजना के पिछले सेक्शन में लक्ष्यों का वर्णन किया गया था। अब आपकी संचालन योजना यह बताती है कि आप उन लक्ष्यों को कैसे प्राप्त करेंगे। आपकी संचालन रणनीति को दो भागों में विभाजित किया जाना चाहिए, जैसा कि नीचे दिखाया गया है।

पोल्ट्री फार्म चलाने के लिए आवश्यक सभी कर्तव्यों, जिसमें मुर्गियों की देखभाल और खाना,  झुंड पर्यवेक्षण, पशु परिवहन, फ़ीड सोर्सिंग, आदि शामिल होते हैं। यह सब आपकी रोज की जाने वाली अल्पकालिक प्रक्रिया होती है। दीर्घकालिक उद्देश्य वे मील के पत्थर होते हैं जिन तक आप पहुंचना चाहते हैं। यह वे तारीखें हो सकती हैं, जब आप अपने राजस्व में हिट करने की योजना बनाते हैं। यह वह समय भी हो सकता है जब आप अपने पोल्ट्री फार्म को स्थानांतरित करना चाहते हैं।

प्रबंधन टीम (Management Team)

आपके पोल्ट्री फार्म को अपनी क्षमता के अनुसार  प्रदर्शन करने के लिए एक मजबूत प्रबंधन टीम जरूरी होती है। इसमें अपने फर्म के प्रमुख व्यक्तियों की पृष्ठभूमि को हाइलाइट करें, उन प्रतिभाओं और अनुभवों पर जोर दें। जो इस व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए योग्यता प्रदर्शित करते हैं। आपको या आपकी टीम के सदस्यों को आदर्श रूप से पोल्ट्री फार्म के प्रबंधन का पूर्व अनुभव होना चाहिए। अगर ऐसा है, उनके ज्ञान और अनुभव पर ज़ोर दें। हालांकि, आपको किसी ऐसे अनुभव का भी उल्लेख करना चाहिए जो आपको लगता है कि आपकी कंपनी की सफलता में सहायता करेगा।

वित्तीय योजना (Financial Plan)

आपका 5 साल का वित्तीय विवरण पहले वर्ष के लिए मासिक या त्रैमासिक में और उसके बाद वित्तीय योजना को वार्षिक रूप से विभाजित किया जाना चाहिए। आपका आय विवरण, बैलेंस शीट और कैश फ्लो स्टेटमेंट सभी आपके वित्तीय विवरणों का हिस्सा हैं।

लाभ और हानि विवरण स्टेटमेंट (Profit and Loss Statement) : एक आय विवरण को लाभ और हानि विवरण के रूप में जाना जाता है। इसमें यह निर्धारित किया जाता है कि आपने व्यवसाय के द्वारा कितना लाभ कमाया है। आपके खर्चे कितने हुए।  यह आपके खर्चों को घटाने से पहले आपके राजस्व को प्रदर्शित करता है।

बैलेंस शीट (Balance Sheets): बैलेंस शीट एक दस्तावेज है, जो आपकी सभी संपत्तियों और देनदारियों को सूचीबद्ध करता है।  बैलेंस शीट में कई तरह की जानकारी शामिल हो सकती है, उन्हें उन मुख्य आइटम तक सीमित करने का प्रयास करें, जिनके बारे में आपको जानना आवश्यक है।

कैश फ्लो का विवरण (Statement of Cash Flows): आपका कैश फ्लो स्टेटमेंट आपको यह पता लगाने में मदद कर सकता है कि आपको अपनी फर्म को शुरू करने या विकसित करने के लिए कितने पैसे की आवश्यकता होगी। इसके साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाता है कि यह कैश फ्लो कभी भी खत्म न हों। अधिकांश उद्यमी और व्यवसाय के मालिक इस बात से अनजान हैं कि नकदी से बाहर निकलने और दिवालिया होने के साथ-साथ लाभ कमाना संभव है।

अपने आय विवरण और बैलेंस शीट में पोल्ट्री फार्म व्यवसाय शुरू करने या बढ़ाने से जुड़ी कई प्राथमिक लागतें शामिल करें:

·         फर्म का निर्माण, डिजाइन शुल्क आदि

·         उपकरण और आपूर्ति की लागत

·         कर्मचारियों को पेरोल या वेतन का भुगतान

·         व्यापार बीमा

·         कर और परमिट

·     लीगल एक्स्पेंसेस

पोल्ट्री फार्म से जुड़े लाइसेंस और पंजीकरण

छोटे रूप में पोल्ट्री फार्म संचालित करने के लिए सरकार द्वारा हमें किसी भी तरह के लाइसेंस की जरूरत नहीं पड़ती है। यदि इसे बड़े पैमाने पर शुरू करने की तैयारी कर रहे हैं, तो हमें सरकार द्वारा आधिकारिक स्वीकृति की आवश्यकता होती है, जिसे जल्दी प्राप्त किया जा सकता है। भारत में पोल्ट्री फार्म व्यवसाय शुरू करने से पहले मालिक को निम्नलिखित परमिट प्राप्त करने होंगे:

·         स्थानीय ग्राम पंचायत से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी)।

·         प्रदूषण बोर्ड से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी)।

·         बिजली के उपयोग की अनुमति। पोल्ट्री फार्म के आकार के आधार पर एक विद्युत ट्रांसफार्मर का उपयोग करने की आवश्यकता होगी।

·     भूजल विभाग से लाइसेंस।

पोल्ट्री फार्म से कितना होता है मुनाफा

भारत में कुक्कट पालन एक लाभदायक व्यवसाय है। इसमें ब्रेक ईवन पॉइंट हासिल करने का औसत समय केवल 6 महीने है।  कंपनी के आकार से इसका लाभ निर्धारित होता है। हालांकि, एक छोटे पैमाने पर पोल्ट्री फार्म भी एक सम्मानजनक लाभ प्रदान कर सकता है।

आपनी आय को बढ़ाने के लिए अंडे और मांस बेचने के अलावा, पंख और खाद जैसे उप-उत्पाद भी बेच सकते हैं। यदि आप अपना खुद का पोल्ट्री फार्म शुरू करने पर विचार कर रहे हैं, तो यह एक अच्छा विचार है कि पहले किसी काम करने वाले फार्म का दौरा किया जाए। ताकि आप यह समझ सके कि यह फर्म कैसे काम करता है।

भारत में पोल्ट्री कंपनियां

भारत दुनिया की कुछ सबसे बड़ी पोल्ट्री कंपनियों का ठिकाना है। यहां हमने भारत की सबसे बड़ी पोल्ट्री कंपनियों के नामों को सूची  बनाई है, जो इस प्रकार है:

·         सुगुना फूड्स प्राइवेट लिमिटेड।

·         एलनसन्स प्राइवेट लिमिटेड।

·         वेंकटेश्वर हैचरी प्राइवेट लिमिटेड।

·         फ्रीगोरीफिको अल्लाना प्राइवेट लिमिटेड।

·         फेयर एक्सपोर्ट्स (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड।

·         वेंकीज (इंडिया) लिमिटेड।

·         स्नेहा फार्म्स प्राइवेट लिमिटेड।

·     एचएमए एग्रो इंडस्ट्रीज लिमिटेड।

भारत में कुक्कुट पालन राज्य

अनु.राज्यउत्पादनशेयर (%)
1महाराष्ट्र632.3215.57
2हरियाणा478.6311.78
3पश्चिम बंगाल475.4211.7
4तमिलनाडु455.5111.21
5आंध्रप्रदेश443.3510.92
6उत्तर प्रदेश359.448.85
7तेलंगाना336.338.28
8केरल178.034.38
9कर्नाटक139.183.43
10पंजाब125.033.08

कुक्कुट पालन प्रशिक्षण और संसाधन

अगर यह सब आपको रोमांचक और आकर्षक लगता है, तो शायद आपके लिए  पोल्ट्री फार्म व्यवसाय शुरू करना सही काम होगा।

लेकिन,

इससे पहले कि आप अपने पोल्ट्री लाइसेंस और एनओसी के लिए आवेदन करना शुरू करें। आपको सलाह दी जाती है कि उद्योग पर गहराई से शोध करने के लिए कुछ गुणवत्तापूर्ण समय व्यतीत करें।

आप माने या न माने मुर्गी पालन पर बहुत सारी अध्ययन सामग्री उपलब्ध  है। इनका अध्ययन करने से आपको सही निर्णय लेने में मदद मिलेगी।

·         कुक्कुट पालन मार्गदर्शिका

·         मुर्गी पालन (हिंदी)

·         कुकुटपालन व्यवसाय मार्गदर्शीक : वसंत हिंगने

·     कमर्शियल पोल्ट्री एंड ब्रॉयलर फार्मिंग (हिंदी)

पाठ्यक्रम (Courses)

·         पोल्ट्री फार्मिंग में सर्टिफिकेट (सीपीएफ)

·         कुक्कुट पालन (कोड 361)

·     कुक्कुट पालन का परिचय

सलाहकार

·     डॉ मनोज शुक्ला

निष्कर्ष

अपने पोल्ट्री फार्म के लिए एक व्यावसायिक रणनीति तैयार करना एक अच्छा विचार है। लेकिन यह तभी अच्छा विचार है, जब आप ऊपर दिए गए सभी चरणों का पालन करते हैं। इन चरणों को जब आप शुरू से लेकर अंत तक चरण दर चरण अपनाते हैं, तभी आपका व्यवसाय सफलता पूर्वक आगे बढ़ता है। तभी आप एक सच्चे विशेषज्ञ होंगे। आप कुक्कुट पालन क्षेत्र के साथ-साथ अपने प्रतिस्पर्धियों और ग्राहकों की पूरी समझ हासिल करेंगे। आपने एक मार्केटिंग रणनीति बना ली होगी और आपको इस बात की पूरी समझ होगी कि एक लाभदायक पोल्ट्री फार्म को शुरू करने और विकसित करने के लिए क्या करना पड़ता है।

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