नर्सरी व्यवसाय योजना : अपना नर्सरी बिज़नेस ऐसे करें शुरू

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 परिचय   (Introduction)

नर्सरी एक ऐसी जगह है, जहा फसलों को ट्रांसप्लांटेशन करने, कलियों और ग्राफ्टिंग के स्टॉक के लिए, या फिर बेचने के लिए के लिए उगाया जाता है। कमर्शियल नर्सरी इसलिए बहुत विकसित होती है, क्योंकि उसमे सजावट के पेड़, झाड़ियाँ और बल्ब फसलें होती है। इसके साथ ही इसमें  लकड़ी  और जड़ी – बुटियों के पौधे भी होते हैं। जिनके लिए बहुत ही ज्यादा देखभाल, सावधानी और धैर्य की जरूरत होती है। यह व्यवसाय आपके लिए एक वरदान साबित हो सकता है, यदि आपके पास रणनीतिक व्यावसायिक योजना या बाजार योजना इनमें से कोई एक चीज आपके पास है।

अधिकतर नर्सरी में सजावट के पौधे ही उगाए जाते है, कुछ फलों के पौधे और बारह साल इस्तेमाल की जाने वाली सब्जियां भी नर्सरी के गार्डन में उपलब्ध होती हैं, जैसे की शतावरी, रहुबारब ( एक प्रकार का फल )। कुछ नर्सरी मुख्य = पौधों को बचाने और उनके प्रचार करने के लिए भी काम करती है। जिससे वे हमारे पर्यावरण में बने रहें और इसे शुद्ध रखें।

नर्सरी अक्सर बाहर छायादार या खुली जगह में होती हैं, ताकि जो पेड़ – पौधे बहुत संवेदनशील है, उन्हे बचा सके और व्यवसाय को पूरे साल अच्छे से चला सके। पौधों को बीजों और क्लिप्पिंग के जरिए बहुत ही आसानी से उगाया जा सकता है। इस तरीके से यह गमलों में और अन्तरिम कन्टेनरो में भी आसानी से उगाए जा सकते है।

भारत में नर्सरी व्यवसाय का दायरा (Scope of Nursery Business in India)

व्यापार को बढ़ाने के लिए रणनीति बनाने के अलावा, इस बात पर भी विचार करना चाहिए, कि  हमारे द्वारा उगाये गये पौधों की मांग बाजार में  कितनी है। आजकल जीवन जीने के तरीके की गुणवत्ता इस व्यवसाय के लिए सफलता की कुंजी का काम कर रही है। जब तक ऐसी सुंदर अभिव्यक्तियाँ बनी रहेंगी, तब तक ऐसे ही सजावटी पेड़ – पौधों की मांग बनी रहेगी।

गुलदस्ते की दुकान (Bouquet shops) – अब गुलदस्ते सिर्फ फूलों से ही नहीं जाने जाते। फूलों के साथ – साथ सामान्य सुंदरता की तुलना में  आजकल तनों को ज्यादा आकर्षक बनाना शुरु हो गया है। लकड़ियों के बने गुलदस्ते फूलों के गुलदस्तों से ज्यादा महंगे है, इस तरह फूलों के गुलदस्तों की कीमत हमारे बजट में होती है। आज के समय में शिल्पकारों द्वारा अपने व्यवसाय में जो सामान पहले  प्लास्टिक, मिट्टी, आदि जैसी सामग्री से बनाए जाते थे। वो आज के समय में लकड़ी के टुकड़ों से बनाए जाने लगे हैं। यहां तक ​​कि गेमिंग सेट भी अब लकड़ी के बने हुए मिलते हैं। आज के समय में लोग लकड़ी से बनी हर चीज को देखकर हमेशा यही कहते हैं, कि यह चीज कितनी सुंदर है।

कंटेनर (Containers) – इसे एक शिल्प उद्योग के रूप में भी देखा जाता है, लेकिन कंपनियां जो महकने वाले कंटेनर या हैंपर बनाती हैं। इनके तनों का उपयोग सजावट करने के लिए करती हैं। यह तो केवल मुट्ठी भर संभावनाओं के बारे में हमने बताया हैं। उपभोक्ताओं के आधार पर नर्सरी के पौधों की मांग बहुत ही व्यापक तरीके से भिन्न होती हैं।

नर्सरी बनाम ग्रीनहाउस ( Nursery vs Greenhouse )

ग्रीनहाउ में पौधों को लगाया और उगाया जाता हैं। जब तक पौधे एक जगह से दूसरी जगह लगाए जाने के लिए तैयार ना हो जाए, तब तक इनकी देखभाल ग्रीन हाउस में की जाती है। पेड़, झाडियां, सब्जियाँ, सजावट के पौधे, और ग्राउंड कवर करने के लिए घास जैसी चीजें भी यहां उगाई जाती है।  नर्सरी में  अक्सर पौधे गमलों में  उगाये जाते हैं, हालांकि कुछ पौधों को खुली जगह में भी लगाया जाता है। ग्रीनहाउस का उपयोग अक्सर कंटेनर नर्सरी फसल के प्रसार और विकास के लिए किया जाता हैं।

ग्रीनहाउस तकनीकों में पौधों को उगाने के लिए एक सुविधा प्रदान करती है, इसे पूरी तरह से कवर किया जाता है। इसे कवर करने के लिए आमतौर पर प्लास्टिक, फाइबर ग्लास या काँच से बने चीजों का प्रयोग किया जाता  है। सूर्य की आने वाली रोशनी की वजह से ग्रीन हाउस गर्म रहता है। ग्रीन हाउस सूर्य की किरणों को अंदर की ओर सोख लेती है। तापमान, आर्द्रता,नमी  और रोशनी का स्तर ये सभी ग्रीन हाउस में  नियंत्रित किये जा सकते हैं, अगर इनमें  से किसी का भी स्तर बढ़ता है, तो बढ़ती परिस्थितियों पर हम नियंत्रण पा सकते हैं। इस तरह से  पर्यावरण को नियंत्रण करने की तकनीक के फलस्वरूप ही बहुत सी फसलें पूरे साल उगाई जा सकती है ।

नर्सरी व्यवसाय के लिए बिज़नेस प्लान बनाना (Creating a Business Plan for Nursery Business)

 कार्यकारी सारांश (Executive Summary)

आपका कार्यकारी सारांश आपके व्यापार की योजना का परिचय देता है। आपके व्यापार के बारे में  बताता है, लेकिन यह आमतौर पर आपके द्वारा बनाई गई आखरी चीज होती है, क्योंकि यह योजना के हर एक प्रमुख हिस्से के बारे में बताती है। कार्यकारी सारांश बनाने का उद्देश्य यह होता है, की पढ़ने वाले को आपके व्यवसाय के बारे में  कम समय में  सारी जानकारी मिल जाये। यह उन्हे बताता है, कि आप किस तरह के पौधों की नर्सरी चला रहे है, और इसमें क्या-क्या शामिल है।

“क्या आप एक स्टार्टअप शुरू कर रहे हैं,

 आपके पहले से ही पौधों की नर्सरी का व्यवसाय है, जिसे आप बढ़ाना चाहते है,

या फिर आप एक नर्सरी प्लांट के मालिक है?”

इसके बाद,  आप अपनी नर्सरी व्यवसाय जुड़ी हुई भविष्य की सभी योजनाओं के बारे में एक रूपरेखा बनाए। उदाहरण के तौर पर, आप अपने नर्सरी के उद्योग की एक सीमित और संपूर्ण जानकारी का खाका तैयार करें।  आप जिस प्रकार की पौधों की नर्सरी चला रहे है, उसके बारे में बताएं। अपने प्रतिद्वंदियों का विस्तार से वर्णन करें।

अपने लक्षित बाजार का अवलोकन करें। बाजार की रणनीति तकनीक के बारे में बताये। यह सुनिश्चित करें, कि आपकी टीम में सबसे महत्वपूर्ण चीज क्या है। आप अपने व्यवसाय के आर्थिक रणनीति का भी एक खांका तैयार कर के उसकी संक्षिप्त जानकारी दें।

कंपनी का विश्लेषण करें  (Company Analysis)

कंपनी के विश्लेषण में इसका भी वर्णन करें, कि आप किस प्रकार की नर्सरी फर्म चलाते है। उदाहरण के लिए, आप नीचे दिये गये किन पौधे की नर्सरी व्यवसाय को चला सकते है:

हाउस प्लांट नर्सरी (House plant Nursery) : इस प्रकार की प्लांट नर्सरी अलग – अलग प्रकार के लोगो को पसंद आने वाले इंडोर हाउस प्लांट की आपूर्ति करने में माहिर होती है।

लैंडस्केप नर्सरी (Landscape Nursery) : इस प्रकार की में नर्सरी घास और भूमि को उपजाऊ बनाने की मिट्टी और सामानों को उगाया जाता है।

पेड़ो की नर्सरी (Tree Nurseries) : इस प्रकार की नर्सरी में  अलग – अलग तरह के पेड़ो को उगाया जाता है। फिर उनको बेचा जाता है। आपकी व्यावसायिक योजना में कम्पनी विश्लेषण के हिस्से में  आपके द्वारा प्रबंधित किये जाने वाले पौधों की नर्सरी व्यवसाय के प्रकार को अच्छे से बताना होगा। इसके अलावा फर्म के बारे में  जानकारी देनी होगी।

इस तरह के सवालों के जवाब भी शामिल करें:

·     कब और क्यों आप अपनी कंपनी शुरू करना चाहते है?

·         आपने अब तक क्या उपलब्धियां हासिल की है?

इसमें आप संक्षिप्त रूप में सर्विस ले चुके ग्राहकों की संख्या, मिली हुई प्रतिक्रिया, समीक्षा, और बेची गई वस्तुओं की संख्या को शामिल कर सकते हैं।

आपका कानूनी ढांचा क्या हैं? आपके पास एक S – Corp का स्टेटस है? या यह एक LLC व्यवसाय है? या फिर यह एक व्यक्ति द्वारा चलाया जाने वाला व्यवसाय है? इन सब बारें में आप अच्छे से समझाए।

बाजार का विश्लेषण (Market Analysis)

आपको बाजार विश्लेषण में पौधों की नर्सरी के उद्योग का एक आकलन जरूर देना चाहिए। हालांकि यह बहुत जरूरी तो नहीं है, लेकिन फिर भी यदि आप इसे देते हैं, तो आपको इससे फायदा ही होगा।

·     सबसे पहले इस बात को सीखें की पौधों की नर्सरी व्यवसाय का कौन सा हिस्सा लाभदायक है। यह उस बाजार को समझने में आपकी मदद करता है जिसमें आप काम करना चाहते हैं।

·         दूसरा, बाजार अनुसंधान आपकी योजना को बेहतर बनाने में आपकी मदद कर सकता है, खासकर यदि आप बाजार के रुझान को अच्छे से तलाश के उसे समझ लेते हैं।

·         तीसरा, बाजार के बारे में विश्लेषण करने का उद्देश्य पाठकों को यह बताना है, कि आप एक उद्योग विशेषज्ञ हैं। आप तरह से शोध करके और अपनी रणनीति में इसे बताकर अपनी मार्केट रिसर्च को पूरा कर सकते हैं।

प्रतिद्वंदियों का विश्लेषण (Competitors Analysis)

आपके प्रतिस्पर्धीयों के विश्लेषण से आपको कम्पनी के अप्रत्यक्ष और प्रत्यक्ष प्रतिद्वंदियों की पहचान करनी चाहिए। ऐसा करने से आपको उनकी अच्छाइयों और कमियों के बारे में जानकारी मिलेगी। जिसे आप अपने नर्सरी व्यवसाय को बढ़ाने में शामिल कर सकते हैं।

दूसरे नर्सरी फर्म प्रत्यक्ष रूप से आपके प्रतिस्पर्धी  होते हैं।

प्रत्यक्ष प्रतिस्पर्धियों की तुलना में ग्राहकों के पास अप्रत्यक्ष प्रतिस्पर्धियों से खरीदारी करने की अन्य संभावनाएं होती हैं। लैंडस्केपर्स और स्थानीय प्लांट एक्सचेंज इसके उदाहरण हैं। आपको इन सब के बारे में भी अच्छे से रिसर्च करनी चाहिए।

आपको अपने नर्सरी प्लांट  की विशेषता बतानी चाहिए, जिनके साथ आप सीधे मुकाबले की सारी शर्तों को पूरा करते हैं। आपके नर्सरी के आस – पास की जगह की दूसरी नर्सरी आपके लिए सीधे रूप से एक प्रतिस्पर्धी हैं।

आपके क्षेत्र के पास स्थित प्लांट नर्सरी आपके प्रत्यक्ष प्रतिद्वंद्वी होते है। यही वजह है कि आपको अपने पौध नर्सरी फर्मों की ख़ास विशेषता बतानी चाहिए। आपके पौधे दुसरे नर्सरी वालों से कैसे भिन्न है। इसका भी आकलन करें।

आप प्रतिद्वंद्वी के अध्ययन के आखरी में यह बताए, कि आपने अपने प्रतिद्वंद्वीयों से किस मामले में ज्यादा बढ़त हासिल कि है। उदाहरण के लिए:

क्या आप अलग और ज्यादा गुणवत्ता वाले पौधे देंगे ?

क्या आप अपने ग्राहकों को ऐसा कुछ दे रहे हैं, जो आपके प्रतिस्पर्धी नहीं दे सकते?

क्या आप अपने ग्राहकों को अच्छी सेवा दे सकते हैं?

क्या आप अपनी नर्सरी के पौधों की कीमतों को कम कर सकते हैं? सोचे की आप अपने प्रतिद्वंद्वी से कैसे आगे निकल सकते हैं, और इन सब बातों को अपनी योजना में लिखें।

जरूरतें ( Requirements)

1।   जमीन (land): नर्सरी का व्यवसाय शुरू करने के लिए एक जमीन का टुकड़ा जरूरी होता है। यदि यह टुकड़ा ज्यादा बड़ा ना भी हुआ, तब भी आप इससे अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं। इसके लिए आप किसी का बैकयार्ड भी किराये पर ले सकते हैं, और छोटे स्तर पर व्यवसाय की शुरुआत कर सकते हैं। मिट्टी से जुड़ी मुलभुत जानकारी जैसे मिट्टी कितनी उपजाऊ हैं, मिट्टी में  कितने पोषक तत्व बचे हैं, मिट्टी में  कितनी नमी हैं। यदि आपको इन सब बातों के बारे में जानकारी है, तो इसके आधार पर चुनी गई जमीन आप के व्यवसाय को चार चांद लगा देगी।

2।   आप क्या बेचना चाहते हैं (What you want to sell): नर्सरी व्यवसाय  शुरू करने के लिए आपको उपयुक्त तने वाले पौधों की आवश्यकता होगी। इन तने वाले पौधों को बागवानी कंपनियों से खरीदा जा सकता है, या सीधे झाड़ियों से काटा जा सकता है। इन तनों को काट कर लगाने की एक प्रक्रिया होती है। एक तकनीक होती है। जिसके बारे में सीखना जरूरी है। ध्यान रहे जिस पौधे की डाली या टहनी आप काट कर लाए, उसमें  तीन गांठ जरूर हो। जिससे उसमें  से नयी पत्तियां आ सके। इसी के साथ टहनी काटते समय ध्यान रखें, कि टहनी को नीचे से ऊपर की ओर तिरछा काटें। ऐसे ही आप अलग- अलग पौधों का एक सेट तैयार कर सकते हैं। ऐसा करते समय ध्यान रखें कि उन्हें थोड़ी थोड़ी दूरी पर लगाया जाए, जिससे इनकी पहचान हो सके।

3।   खाद की जरूरत (Manure or Fertilizer): जमीन में लगाए गए पौधे अपने पोषण का ¾ भाग पर्यावरण से प्राप्त करते हैं, जमीन में बहने वाले पानी और मिट्टी में उपलब्ध खनिज से अपना पोषण करने की क्षमता पेड़ और पौधों में होती है। तो हम कह सकते हैं कि जमीन में उगाए जाने पर पौधों को अलग से खाद की जरूरत नहीं होती, मगर जब पौधों को तेजी से विकसित करना हो तब खाद का उपयोग किया जाता है।  हालांकि, नर्सरी में लगाए गए पौधों को खाद देने से उनको तेजी से बढ़ने में मदद मिलती है। जब किसी बड़े पैमाने पर खाद का छिड़काव करना हो, तब ट्रैक्टर और वाटर स्प्रिंकलर की मदद से छिड़काव किया जाता है।

4।   यंत्र और जनशक्ति (Machinery/Manpower ):  सबसे पहले आप नर्सरी व्यवसाय को छोटे पैमाने पर अपने निरीक्षण में शुरू करें, जिससे आप को अलग से किसी को नियुक्त करने की जरूरत नहीं होगी। पौधों को उगाना और उनकी देखभाल करना ज्यादा मुश्किल काम नहीं है। इसलिए  नर्सरी व्यवसाय शुरू करने के लिए महंगे उपकरणों की जरूरत नहीं होती। यह केवल इस बात पर निर्भर करता है कि किस प्रकार की मिट्टी में किस तरह की खेती की जा रही है।

5।   मिट्टी (Soil)  : आप के पास जो जमीन का टुकड़ा है। यदि उसमें पडी हुई मिट्टी अपने नैसर्गिक रूप में है, और इस मिट्टी में पेड़ पौधे अच्छे से विकसित हो सकते हैं। यदि आप फिर भी जमीन की गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए उस पर अलग से खाद मिला कर डाल देते हैं, तो यह मिट्टी, पौधों के विकास को तेजी से बढ़ा देती है।

6।   पैसा (Finance):  चुंकि यहा जमीन ही सबसे बड़ा कारक हैं, इसलिए अपना बजट निर्धारित करते समय आपको नीचे लिखे हुए सवालों के जवाब भी ढूढने होंगे:

·         नर्सरी शुरु करने के लिए आमतौर पर एक फाइनेंसियल कमिटमेंट की जरूरत होती हैं- क्या आपके पास व्यवसाय शुरु करने के लिए पर्याप्त नकदी हैं या फिर आपको पैसे उधार लेने पड़ेंगे ?

·         क्या आप पहले से चल रहे किसी व्यवसाय को खरीद रहे हैं, या फिर खुद ही इसकी शुरुआत कर रहे हैं?

·     क्या आपको अलग – अलग तरह की संरचनाएँ, ग्रीन हाउस या सिंचाई व्यवस्था को अपने फर्म में शुरू करने की जरूरत है।

जब तक आपका व्यवसाय अच्छे से पैसा कमाना शुरू नहीं कर देती, तो क्या तब तक आपके  फर्म की व्यवस्था को अच्छे ढंग से चलाने के लिए आपके पास पर्याप्त पैसा है ?

कृषि परमिट (Agriculture Permit)- नर्सरी एक कृषि व्यवसाय है, और इसे  आरंभ करने के लिए आपको कृषि लाइसेंस की आवश्यकता होगी। कृषि से जुड़े हुए अधिक विवरण और प्रक्रियाओं के लिए, सरकार के वेब पेज को देखें। यह भी संभव है कि आपको नर्सरी व्यवसाय शुरू करने के लिए आपको एक स्थानीय सिविल सेवक के परमिशन की जरूरत होगी। जो आपको कृषि परमिट दें।

प्रबंधन (Management)

आपको नर्सरी व्यवसाय आगे बढ़ाने के लिए उसकी क्षमता को बढ़ाने के लिए एक अच्छी मैनेजमेंट टीम की जरूरत होगी। अपने नर्सरी व्यसाय के लिए ऐसे लोगों का चुनाव करें। जिनको इस व्यवसाय का अनुभव हो। उन्होंने इस से जुड़ा हुआ किसी भी प्रकार का कोर्स किया हो।  आपको या आपकी टीम के सदस्यों को अच्छे रूप से नर्सरी के प्लांट को चलाने के लिए अनुभव होना चाहिए। हालांकि, आपको कुछ ऐसा सीखने पर ध्यान देना चाहिए, जो आपको कम्पनी को आगे बढ़ाने में  मदद कर सकता है।

अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए यदि आपकी टीम अपर्याप्त है, तो एक सलाहकार बोर्ड बनाने पर भी विचार  कर सकते हैं। एक सलाहकार बोर्ड में 2 से 8 लोग शामिल होंगे, जो आपकी कंपनी में सलाहकार के रूप में कार्य करेंगे। वे सवालों के जवाब देने और रणनीतिक सलाह देने में सक्षम होंगे। आप ऐसे सलाहकार सदस्यों की तलाश करें, जिन्होंने जरूरत पड़ने पर प्लांट नर्सरी का प्रबंधन किया है, या छोटे व्यवसायों को प्रभावी ढंग से संचालित किया है।

जनसांख्यिकी लक्ष्य (Target Demographics)

1।   थोक में बिक्री करना (Selling in Bulk) : आप बेचे गए माल की संख्या के आधार पर अपने ग्राहकों को चुन सकते हैं। लकड़ी के पौधों को अलग करके आप उन्हें थोक में बेच सकते हैं।

2।   आर्किटेक्ट्स को बेचना (Selling to Architects) : आर्किटेक्ट्स घर या ऑफिस को सजाने के लिए लकड़ियों के डिजाइन इस्तेमाल करते हैं। अपने काम को पूरी तरह अंजाम देने के लिए इन लोगों को भी डिजाइन के अनुसार लकड़ियों की जरूरत पड़ती है। इनकी इस जरूरत को हम पूरा कर सकते हैं। इसका मतलब यह नहीं है, कि आर्किटेक्ट्स अपने पूरे  डिजाइन लकड़ियों से ही बनाएं। वे अपने डिजाइन को निखारने के लिए कभी हल्के रंग की लकड़ी को फर्श में लगा कर घर के इंटीरियर को सुन्दर बनाते हैं, जो कि आजकल प्रचलन में है। लकड़ी और अन्य सभी सजावट की सामग्री की अपनी कुछ सीमाएं होती है, इसलिए सजावट करते समय इस बात का ध्यान रखें।

3।   पौधों को निर्यात करना (Export Plants) : अन्य सभी चीजों की तरह पौधे भी बाकी देशों में जैसे यूनाइटेड स्टेटस,  यूनाइटेड किंगडम, साउथ अफ्रीका और कुछ अरब देशों में भेजे जा सकते हैं।

4।   दूसरे विक्रेताओं को अपना सामान बेचना (Selling to Other Sellers):  कच्चे माल के रूप में अपने सामान को आप दुसरे विक्रेताओं को बेच सकते हैं।  दूसरे उत्पादों को बनाने के लिए कुछ पौधों का उपयोग कच्चे माल की तरह किया जाता है, इन्हे बहुत ही कम मुनाफे पर पैक किया जाता है, और बेचा जाता है । ऐसी परिस्थितियों में, भले ही कमाई कम हो पर बेची हुई चीजों की इकाई ज्यादा होती है, ज्यादा सामान बेचने पर भी भले ही कम मुनाफा मिलता हो है। लेकिन वो आपके नियमित कस्टमर होते हैं। आप नियमित आधार पर इन वस्तुओं की आपूर्ति करने के लिए शिल्प व्यवसाय के साथ एग्रीमेंट भी कर सकते है।

नर्सरी व्यवसाय में निवेश और लाभ (Nursery Investment & Profit)

यहां बताई जाने वाली वाली रणनीतियाँ और दृष्टिकोण  इस उद्योग को सफल होने में  मदद कर सकता है। इन सबके अलावा आपका नर्सरी का बिज़नेस इस बात पर भी निर्भर करता है, कि आप कितने अविष्कारशील है, और आपके सम्पर्क में  कितने ज्यादा लोग है। यदि आय का शुरूआती दौर आपके उद्देशयों को पूरा नहीं करता, तो आप दोबारा कोशिश करने से ना डरें। जब तक आपका सामान आपके ग्राहकों तक नहीं पहुंच जाता। तब तक आप अपनी वस्तुओं की कीमतों को कम रखें। एक निर्माता के रूप में,  आप कम लाभ कमाते हुए भी, इन पौधों को कम कीमतों पर बेच सकते है। आपसे जो व्यवसाय में मुकाबला करने वाले है, यदि वो अपनी वस्तुओं को अलग कीमतों पर या  ज्यादा कीमतों पर बेचते है, वो आपसे पीछे रह जाएंगे।

 इस व्यवसाय के लिए उपयुक्त लाइसेंस प्राप्त करें (Get Appropriate Licensing)

आप ने सारी तैयारी कर ली, आप ने कंपनी का नाम सोच लिया, बिजनेस मॉडल भी तैयार कर लिया, पैसे भी इकट्ठे हो गए, परंतु इतना ही काफी नहीं है। आखिरी और जरूरी चीज़ अभी बाकी है, और वो है सही काग़ज़ी कार्यवाही। जिससे व्यापार सुचारू रूप से चल सके।।

1।   व्यापार निगमन (Business Incorporation) : आप अकेले व्यापार चला रहे हैं, या फिर पार्टनरशिप में जिसे लिमिटेड लायबिलिटी पार्टनरशिप (LLP) भी कहते हैं, या फिर प्राइवेट लिमिटेड संस्था की स्थापना कर रहें है। जिससे आपको फंड भी मिलता रहे। इन सभी तरह के व्यवसाय में आप को लाइसेंस के लिए आवेदन करना होता है। लिमिटेड लायबिलिटी पार्टनरशिप और स्वयं से चलाये जाने व्यापार की रजिस्ट्रेशन के लिए ज्यादा काग़ज़ी कार्यवाही की जरूरत नहीं पड़ती परंतु प्राइवेट लिमिटेड के लिए इसका उल्टा है।

2।   कंपनी का ट्रेडमार्क रजिस्ट्रेशन भी है जरूरी (Obtaining a Trademark Registration) : आप नया फर्म शुरू कर रहे हैं और यदि आप चाहते हैं कि आप के फर्म का नाम और लोगो कोई चोरी ना कर ले।  चोरी कर के अपने फर्म के नाम के साथ इस्तेमाल न कर ले। इन सब से बचाव के लिए सबसे पहले आप को अपने कंपनी का ट्रेडमार्क रजिस्ट्रेशन करवाना अनिवार्य है।

3।   गुड्स एंड सर्विस टैक्स नंबर (Goods and Services Tax (GST) Number):  कोई भी व्यापार करना हो, हर व्यापारी के पास जीएसटी नंबर होना अनिवार्य है। इसलिए आप भी अपना जीएसटी रजिस्ट्रेशन करवा लें और जीएसटी नंबर प्राप्त करें।

नर्सरी व्यवसाय बढ़ाने के लिए सोशल मीडिया का प्रयोग (Social Media Platform for a Nursery)

आजकल ऐसा कौन है, जो सोशल मीडिया का इस्तेमाल न करता हो, यह एक बहुत ही बढ़िया और सुविधाजनक मार्ग है, नर्सरी व्यवसाय को जन-जन तक पहुंचाने का। नर्सरी जैसे छोटे व्यापार को बढ़ाने के लिए सोशल मीडिया बूस्टर की तरह है। इसमें  बस आप को इतना ही जानने की जरूरत है कि फेसबुक और इंस्टाग्राम के विज्ञापन कैसे काम करते हैं।

यदि आप के जान-पहचान में ऐसा कोई व्यक्ति है, जिसे डिजिटल मार्केटिंग की अच्छी समझ है, तो आप उनसे अपने सोशल मीडिया साइट्स पर अच्छे पोस्ट डलवा सकते हैं।  इससे आप की एडवरटाइजिंग लोगों को आपके नर्सरी व्यवसाय की ओर आकर्षित करेगी। कैनवा (Canva) एक ऐसा सॉफ्टवेयर है, जिसकी मदद से आप स्वयं अपने सोशल मीडिया अकाउंट को हैंडल करके पोस्ट बना सकते हैं। कैनवा (Canva)  सॉफ्टवेयर आप को फ्री टूल्स देता है, जिससे यूजर्स को इसे चलाने में आसानी होती है, इस सॉफ्टवेयर को यूजर्स के लिए ओपन रखा गया है। जिससे इसे कोई भी व्यक्ति आसानी से इस्तमाल कर सकता है। इसी के साथ अपने व्यापार को व्हाटसअप बिज़नेस पर भी आप संचालित कर सकते हैं।

वित्तीय योजना ( Financial Plan)

आपको अपने व्यवसाय के 5 साल का वित्तीय विवरण को छोटे-छोटे टुकड़ों में बाट लेना चाहिए। जैसे  पहले साल के 1 महीने या 3 महीने की आपकी वित्तीय योजना क्या रहेगी। उसके बाद पूरे एक साल के लिए आपकी वित्तीय योजना कैसी होगी। इस हिसाब से अपने बजट को प्लान करना चाहिए। वित्तीय योजना इस तरह से बनानी चाहिए, जिसमें  हम आने वाले 5 साल के पूरे खर्चों का अनुमान लगा सकें। आपका आय विवरण, बैलेंस शीट, और पैसो का आना – जाना, ये सभी आपके वित्तीय विवरण का हिस्सा है।

लाभ और हानि विवरण (Profit and Loss Statement (P&L)) : एक आय विवरण कभी – कभी लाभ और हानि के विवरण के नाम से भी जाना जाता है। यह आपके व्यवसाय का पूरा लेखा-जोखा होता है। जिसमें यह दिखाया जाता है, कि कितना लाभ हुआ, और कहां हमें हानि हुई। कितना खर्चा किस चीज पर हुआ। आपको अपना आय विवरण बनाते समय यह  ध्यान रखना चाहिए, कि आपको नर्सरी के पौधों को बेचने में  कितनी बढ़ोतरी हुई है। उदाहरण के लिए, आपने हर महीने या हर तीसरे महीने में  100 पौधों बेचे होंगे? तो क्या हम बेचने की दर को हर साल 2 प्रतिशत या 10 प्रतिशत बढ़ा सकते है? जैसा की आप अनुमान लगाते है, आपने जितनी भी सम्भावनाएं अपनी कम्पनी के लिए चुनी है। उन सभी का कम्पनी के वित्तीय अनुमान पर बहुत अच्छा प्रभाव पड़ेगा।

अपनी व्यवसाय से जुड़ी हुई धारणाओं को सत्यता पर आधारित करने का प्रयास करें। जितना संभव हो उतना शोध करें।

बैलेंस शीट (Balance Sheets) :  आपने अपने नर्सरी व्यवसाय से कितना लेन – देन किया है, यह सब आपकी बैलेंस शीट में दिखाया जाता है। इसके अलावा भी  बैलेंस शीट में और भी बहुत सी जानकारियां होती है, इसलिए इस शीट में सबसे महत्वपूर्ण बिंदुओं को रखने की कोशिश करनी चाहिए। उदाहरण के लिए, अगर आप अपने नर्सरी फर्म के लिए 50,000 रुपए खर्च करते है, तो यह आपको तुरंत ही उतनी कमाई नहीं दे देगा। यह एक ऐसी संपत्ति है जो आने वाले सालो में आपको बहुत अच्छे और आसान तरीके से पैसा कमाने में मदद करेगी। यह ठीक बिल्कुल उसी तरह है, जैसे की कोई बैंक आपको 50,000 का चेक भेजता है, तो आपको उसे तुरंत भुगतान करने की जरूरत नही होती है। बल्कि, यह एक कर्ज है, जो आप समय के साथ भरते रहेंगे।

नकदी लेन- देन का विवरण (Cash Flow Statement): आपका नकद प्रवाह का विवरण आपको यह जानने में  मदद करेगा की आपको अपने व्यवसाय को शुरु करने के लिए या उसको विकसित करने के लिए कितने रुपयों की जरूरत है, और इसी तरह से यह भी सुनिश्चित करेगा की आपका व्यवसाय लगातार चलता रहे। आप बीच में  उसे ना छोड़ें। ज्यादातर व्यवसाय करने वाले और कम्पनी के मालिक इस बात से अनजान होते है, की नकदी से बाहर निकलने और दिवालिया होने के साथ – साथ मुनाफा कमाना भी संभव है।

अपनी बैलेंस शीट में  प्लांट नर्सरी व्यवसाय शुरु करने या इसे बढ़ाने से जुड़ी कई प्राथमिक लागतें शामिल करें।

डिजाइन फीस, बिल्डिंग, और स्थानीय विकास से जुड़ी दूसरी लागतें, उपकरण और आपूर्ति लागत, पे रोल या कर्मचारी वेतन व्यवसाय, बीमा परमिट और टैक्स का कानूनी शुल्क। इन सभी कर बारे में हमें अपनी बैलेंस शीट में डालना चाहिए।

 बीजों को कैसे लगाया जाए (How to Plant The Seeds)

नर्सरी व्यवसाय में बीजों को किस बोया जाए। यह चीज आनी बहुत जरूरी है।

1।   बीजों को लगाने के लिए मिट्टी में नमी का स्तर सही हो। उसके बाद मिट्टी की क्यारियां बनानी शुरू करें। अगर आपके पास बीज की अलग – अलग किस्में है, तो संकरी पट्टियां बनाकर बीजों को लगाए।

2।   मिट्टी को 2 फ़ीट की गहराई तक खोदें, जो की रेडी- टू – प्लांट तनो की ऊचाई होती है। इसे 2 फ़ीट की गहराई तक खोद कर मिट्टी से ¼ ऊचाई तक भर दे।

3।   अब तने को मिट्टी के बीच अच्छे से अलग कर के मिट्टी को हल्के हाथों से डाल देना चाहिए। मिट्टी में थोड़ा खालीपन भी जरूरी है, ताकि दूसरे कारको से प्रभावित होकर पौधे की विकास की गति ना रुके।

4।   अब सबसे ऊपरी हिस्से पर, गड्ढे को अच्छे तरीके से भर दीजिये। जब वहां की भूमि अच्छे से भर जाये, तो इस तरह से दबाव डालिए ताकि भूमि समतल हो जाये।

 इन सब के बाद समय-समय पर पानी पौधों में डालते रहे।

 पौधों की इन प्रजातियों को उगाए  (Species You Can grow)

पौधों की बहुत- सी अलग – अलग प्रजातियां होती हैं, और उन्हें नीचे दिये गये समूहो में  बाँटा जा सकता हैं, ताकि आपको यह पता लगाने में आसानी हो की आपके लिए कौन से पौधे की प्रजाति के हैं।

1।   जंगल नर्सरी (Forest Nurseries) : इस तकनीक में ऐसे पौधों को उगाया जाता हैं, जो की कुछ समय बाद एक बहुत बड़े पेड़ के रूप में  विकासित हो जाते हैं। वन प्रत्यारोपण में  नीलगिरि का पेड़, देवदार का पेड़, चीड़ का पेड़ और सागौन का पेड़ उगाया जाता हैं। उपलब्ध जगह और आर्थिक स्थिति के अनुसार, एक या एक से ज्यादा  श्रेणियों को चुन सकते हैं।

2।   सब्जियों की नर्सरी (Vegetable Nurseries) : आजकल दुकानों में जितनी भी सब्जियां आती हैं, उनमें से अधिकतर कीटनाशक दवा का उपयोग कर के उगाई जाती हैं।  कीटनाशक दवा  के उपयोग से उगाई गई सब्जियों से बचने के लिए आजकल लोग नर्सरी में उगाई जाने वाली सब्जियों का उपयोग कर रहे हैं। बहुत सी अलग – अलग कृषि की फसलें जैसे की पालक, टमाटर, मूली, शकरकंद, मटर, बैंगन, कद्दू, प्याज, और ऐसी बहुत सारी सब्जियां है, जिन्हें हम नर्सरी में आराम से उगा सकते हैं।

3।   फलो की नर्सरी (Fruit Nurseries Fruit Nurseries) : बहुत से लोग अब खाने की चीजों को अपनी खुद की नर्सरी में उगाने लगे हैं। नर्सरी में उगाई जाने वाली फसलें बहुत समय की मांग करती हैं।  इन फलो को उगाने के लिए बहुत समय और मेहनत लगती हैं, लेकिन इन पर मुनाफ़ा भी अच्छा ख़ासा मिलता है।  अनार, कटहल, संतरा, आम, चीकू, सामान्य अंजीर, शहतूत,  ड्रैगन फ्रूट, निम्बू, केला, पपीता, सेब, भारतीय मीठा चूना, नारियल और दूसरे देशी फल सबसे प्रमुख खेती वाली किस्में हैं।

4।   फूलों की नर्सरी (Flower Nurseries) : इसे सजावट की नर्सरी के नाम से जाना जाता हैं। यह लोगों के बीच बहुत ज्यादा प्रसिद्ध है, और इसकी मांग बहुत ज्यादा है। सभी को फूल बहुत पसंद होते हैं, कुछ फूल ऐसे होते हैं, जो हर मौसम में खिलते हैं। इन्हे पूरे साल तक किसी भी तरह की देखभाल की जरूरत नही होती है। ग्लेडियोलस, टेकोमा, लिली, गुलाब, गेंदा, सालविअस, पोर्टुलका, जैस्मिन, गुड़हल, एस्टर्स, और छोटे गुलाब इन सब की नर्सरी भी आप लगा सकते हैं।

5।   औषधीय पौधों की नर्सरी (Medicinal Nurseries) : आज के समय में लोग बेहतर दिनचर्या अपना रहे है, और डायबिटीज, यहाँ तक की कैंसर जैसी जटिल समस्याओं से निपटने के लिए पक्के इलाज की तलाश कर रहे हैं। आयुर्वेद और प्राकृतिक इलाज के लिए लोगो में  उत्साह बढ़ता जा रहा है। एलोवेरा और ऐसे दूसरे पौधे अब प्रसाधन सामग्री बनाने में इस्तेमाल होते है। ब्रायोफिलम, सागरगोटा, एलो वेरा, वेटिवर लेमनग्रास, करी पत्ते, कॉस्टस इग्नियस, वासका आदि औषधि के रूप में उपयोग में  लाये जाने वाले पौधे भी आप नर्सरी में उगा सकते हैं।

नर्सरी से सम्बन्धित संसाधन  (Nursery Related Resources)

 किताबें ( Books)

·         Hartmann & Kester’s Plant Propogation :हार्टमैन और केस्टर के द्वारा लिखी हुई किताब पौधों का प्रसार।

·         Plant Propagation and Nursery Management : पौधों का प्रसार और नर्सरी प्रबंधन।

·     The Nursery-Book: A Complete Guide to the Multiplication and Pollination of Plants: द नर्सरी – बुक : पौधों के गुणन और परागण के लिए एक सम्पूर्ण मार्गदर्शिका।

पाठ्यक्रम ( Courses)

ये सभी पाठ्यक्रम नर्सरी के व्यवसाय को सुचारू रूप से कैसे चलाए यह सीखने के लिए है।

हॉर्टकौर्सेस (Hort Courses)

आई आई ए ए एस डी (IIAASD)

इंडिया स्टडी चैनल (India Study Channel)

एक्सपर्ट्स (Experts)

नर्सरी लाइव (Nursery Live)

 शैलेश नर्सरी (Shailesh Nursery)

 माई ड्रीम गार्डन (My Dream Garden)

निष्कर्ष  (Conclusion)

नर्सरी व्यवसाय शुरु करने में  बहुत ही ज्यादा समय लगता है, पर यह व्यवसाय अच्छा मुनाफा कमा कर देता है। अपने व्यवसाय को धीरे-धीरे बढ़ाते जाए।  अपने फर्म के बढ़ने के साथ – साथ इस बात का भी आनंद ले, कि आप आगे बढ़ते  जा रहे है, विकास कर रहे है। आप कुछ सालों के लिए अपनी कम्पनी के लिए बनाई जाने वाली भविष्य की रणनीति को आंक सकते हैं, उसका मूल्यांकन कर सकते हैं।

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