डे केयर व्यवसाय : भारत में डे केयर का सफल व्यवसाय शुरू करने और इसके प्रबंधन के तरीके

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परिचय (Introduction)

जैसे – जैसे भारतीय परिवारों की संस्कृति बदल रही है,  वैसे – वैसे ही डे केयर जैसे व्यवसाय को आगे बढ़ने का मौका मिल रहा है।  डे केयर ना सिर्फ उन बच्चों के लिए सुरक्षित है, जिनके माता – पिता एक व्यस्त दिनचर्या में फसे रहते हैं, बल्कि उन लोगों के लिए जो बच्चों को जल्दी कुछ सीखाना चाहते हैं। कहने का आशय है कि जब माता-पिता दोनों लोग नौकरी पेशा होते हैं, तब अधिकतर मां-बाप अपने बच्चों को डे केयर में डालते हैं। डे केयर में बच्चे सिर्फ सुरक्षित ही नहीं बल्कि इसमें बच्चों का विकास भी होता है। एक डे केयर के कर्मचारियों में सलाहकार और शिक्षक भी शामिल होते हैं, जो अपनी फील्ड के बहुत तजुर्बेदार और अनुभवी लोग होते हैं। इन लोगों को एक साथ कई बच्चों को संभालना आता है। यह लोग एक साथ बच्चों को साथ रहने की कला, खाने की कला, बोलने की कला और एक साथ काम करने की कला को सिखाते हैं।

बढ़ते समय के साथ भारत के घरों में  छोटे परिवारो, शादीशुदा जोड़ो और बच्चे के साथ अकेले रह रही माताओं की संख्या में  बढ़ोतरी हुई है। वास्तव में, हर तीन में  से एक भारतीय छोटे परिवार का हिस्सा है। जबकि पैदा हुए बच्चे की देखभाल के लिए दादा – दादी या नाना – नानी को बुलाना या फिर बच्चे की देखभाल के लिए किसी आया को रखना भारत में  बहुत पहले से चलता आ रहा है। अब के समय में  माता – पिता तेजी से डे केयर केंद्र का सहारा ले रहे हैं, जो नवजात शिशु को बहुत से विकासात्मक लाभ प्रदान करते हैं। डे केयर केंद्र की सुविधा माता – पिता को अपने काम को और परिवारिक जीवन को संतुलित रखने में मदद करती है। इसके साथ ही यह केंद्र बच्चों की पढ़ाई और विकास में भी माता – पिता की सहायता करते हैं।

भारत में डे केयर उद्योग (Day care Industry in India)

निश्चित तौर पर डे केयर एक बढ़ता हुआ उद्योग है, जिसकी एक से अधिक शाखाओं के बारे में भी सोचा जा सकता है। उदाहरण के लिए, ऑटिज्म या एडीएचडी जैसी मानसिक बीमारियों से पीड़ित बच्चों और मानसिक विकलांगता वाले बच्चों के लिए यहां मनोविज्ञान विशेषज्ञ होते हैं, साथ ही एक नियमित स्टाफ होता है, जो दिव्यांग बच्चों को अलग – अलग कलाओं को आसान और अच्छे तरीके से सिखाने का काम करते हैं।  यह चीजें बच्चों के पूरे जीवन के विकास का रास्ता तय करती है।

भारत में , विशेषकर के मेट्रो शहरों में  डे केयर एक खुला बाजार है। यदि आप भी यह केंद्र शुरू करते है, तो आपको अपने डे केयर की शुरुआत अच्छे गुणवत्ता वाले शिक्षकों से करनी होगी।  आपको माता – पिता और बच्चों को उचित परामर्श देना होगा। तभी यह व्यवसाय आपकी अपेक्षा से अधिक आगे बढ़ सकता है। बेशक, इस गुण को शुरूआती दौर में ही उपयोग कर के एक अच्छी उच्चाई को पाया जा सकता है, पर यह इतना आसान नही हो सकता। इसलिए, हमें  इस बात पर ध्यान देना चाहिए की हम अपने शुरु किए हुए डे केयर व्यवसाय को उचाईयों तक कैसे लेकर जायें और उसे बड़ा बनाएं।

मात्रा से ज्यादा गुणवत्ता पर ध्यान दें।

क्या एक डे केयर केंद्र को खरीदना लाभदायक है?  (Is owning a daycare profitable?)

जैसे की ऊपर बताया गया है, कि डे केयर व्यवसाय में बहुत सारी संभावनाएं भारत में मौजूद है। यह व्यवसाय बहुत ही ज्यादा लाभ देने वाला है। यदि यह काम पूरी योजना के साथ, अच्छे तरीके से किया जाये, तो डे केयर व्यवसाय स्वयं को आगे बढ़ाने और लम्बे समय तक चलाने के लिए खुद ही पर्याप्त है। यह डे केयर व्यवसाय नियमित आधार के रूप में हमेशा के लिए आपकी आय का एक विश्वसनीय स्रोत बना रहेगा ।  बच्चों के मनोरंजन करने का व्यवसाय भी बहुत प्रसिद्ध और आकर्षक है। उछलने वाले महल, लेजर टैग और गो – कार्ट जैसी गेमिंग चीजे सभी आकर्षक है, और इनमें व्यवसाय करने के बहुत सारे मौके भी है।

चाइल्ड केयर उद्योग के ट्रेंड (Trends in the child care industry)

चाइल्ड केयर व्यवसाय में  अलग – अलग प्रकार की कई आकर्षक चीजें होती हैं, जिसके बारे में हर माता – पिता को जानना चाहिए:

1.    डे केयर केंद्र बजट का ध्यान रखने वाले परिवारों को समझने और उनकी जरूरतों को पूरा करने के लिए चलाये जाते हैं, इसलिए यह आसानी से सभी के लिए उपलब्ध हो जाते हैं।

2.    बच्चों के लिए पिक अप और ड्राप अप सुविधा एक विश्वसनीय और चुनिंदा विकल्प है, जो की माता-पिता के लिए बहुत ही सुविधाजनक हो जाता है। यह बच्चों को बिल्कुल स्कूल जैसा अनुभव भी देता है।

3.    डे केयर केंद्र बच्चों की सुरक्षा और शुरूआती शिक्षा पर जोर देने के लिए है। अभिभावक अपने बच्चे को डे केयर में सिर्फ इसलिए नही छोड़ कर आते कि, वहां उनका बच्चा सुरक्षित है, और अच्छा समय बिता रहा है। बल्कि वो बच्चे को वहां बहुत सारी उम्मीदों के साथ छोड़ कर आते है, कि उनका बच्चा वहां पढ़ाई करेगा, समाज में  कैसा व्यवहार करना चाहिए, यह सीखेगा और वहां वह चारो तरफ से पढ़े – लिखे लोगों के साथ रहेगा।

4.    टेक्नोलॉजी एक ऐसा माध्यम है जिससे डे केयर सेंटर को माता – पिता आराम से देख सकते हैं। आजकल डे केयर सेंटर में चल रही क्लासेस की  और बच्चों की खेलने वाली जगहों की लाइव स्ट्रीमिंग की भी सुविधा भी प्रदान करते हैं, ताकि बच्चों के माता – पिता उन्हे देख सके और नजर रख सके की  पूरा दिन उनके बच्चे क्या कर रहे हैं।

5.    किसी संस्था के पास या तो खुद ही पहले से डे केयर सेंटर होता है या फिर यह अपने यहां काम कर रहे कर्मचारियों की आसानी के लिए डे केयर खोलने पर विचार कर सकते हैं। कुछ लोग अपनी संस्था में डे केयर जैसी सुविधाओं के साथ डे केयर सेंटर के साथ साझेदारी करना भी चाहते हैं।

6.    डे केयर सेंटर कामकाजी वर्ग के अभिभावकों के लिए, जो लम्बे समय तक घर से दूर रहते हैं, जिनके काम करने का समय बहुत ज्यादा होता है, उनके लिए यह काम करते है। यह कुछ और कीमत लेकर बच्चों को दूसरे प्रोग्राम में  भी शामिल कर लेते है, जैसे की बैलेट, कराटे और संगीत।

क्या डे केयर व्यवसाय आगे बढ़ रहा है? (Is the day care industry growing?)

2020 में, भारतीय डे केयर बाजार 3,480 मिलियन अमेरिकी डॉलर का था। यह उद्योग को 2021 और 2026 के बीच लगभग 12% की CAGR (यौगिक वार्षिक वृद्धि दर) पर बढ़ने की उम्मीद है।  COVID-19 जैसी महामारी की अनिश्चितता को देखते हुए हम इसके तात्कालिक और द्वितीयक प्रभावों को लगातार देख रहे हैं, और उनका आकलन कर रहे हैं। एक प्रमुख बाजार सहभागी के रूप में, इन सब  टिप्पणियों को भी अपने अनुसंधान में शामिल किया जाना चाहिए।

डे केयर व्यवसाय के लिए बिजनेस प्लान बनाना (Creating a Business Plan for your Day Care Business)

 कार्यकारी सारांश (Executive Summary )

आपका कार्यकारी सारांश आपके व्यवसाय का परिचय होता है। यह आपके डे केयर व्यावसायिक योजना का संक्ष्पित रूप होता है। यह आमतौर पर आपके द्वारा बनाया गया व्यवसाय का वो अंतिम टुकड़ा होता हैं, जिसमें आपके डे केयर व्यवसाय की योजना के हर एक प्रमुख खंड का सारांश दिया जाता है।

व्यवसाय का कार्यकारी सारांश बनाने का मुख्य उद्देश्य यह होता है, कि पढ़ने वाले को आपके काम के बारे में कम समय में ज्यादा जानकारी मिल सके। आप इसमें यह बताइये की आपका चाइल्ड केयर बिजनेस किस प्रकार का है, आप इसके विकास की प्रक्रिया के कौन से पड़ाव पर हैं, जैसे कि, क्या आप एक स्टार्ट – अप हैं, या आपके पास ऐसा डे केयर है, जिसे आप आगे बढ़ाना चाहते हैं, या फिर आप एक चाइल्ड केयर सेंटर को चेन की तरह चलना चाहते हैं?

उसके बाद, आप अपने चाइल्ड केयर में क्या सुविधाएं दे रहे हैं। उसकी पूरी जानकारी संक्षेप में बताएं। इसके अलावा यह भी बताएं कि आने वाले समय में  आप और क्या नया प्लान कर रहे हैं। चाइल्ड केयर से जुड़ी जो भी जानकारी आप के पास है, इसके साथ ही आप अपने प्रतियोगी से कैसे अलग है। इन सब के बारे में भी आप को इसमें लिखना है।

आप की मार्केटिंग स्ट्रेटेजी क्या है, आप किस प्रकार के ऑडियंस को टारगेट करना चाहते है। इसका भी आकलन साझा करे। आपको यह भी बताने की जरूरत है, कि कौन सा सदस्य आपकी कंपनी में सबसे जरूरी कामों को संभालता है। साथ ही इन सब योजनाओं पर काम करने के लिए आप की आर्थिक रणनीति क्या है।

कंपनी विश्लेषण (Company Analysis)

आप अपनी कम्पनी विश्लेषण में डे केयर व्यवसाय को किस प्रकार से चला रहे हैं। इस बारे में भी बताए। इसी के साथ  साथ – साथ अपने व्यवसाय का पूरा विवरण भी दीजिये।

उदाहरण के लिए, आपको नीचे बताये गये डे केयर व्यवसाय में से किसी एक को चुनना चाहिए:

·     घर-आधारित डे केयर (House-Based Daycare): इस प्रकार का डे केयर आप अपने घर में भी शुरू कर सकते हैं। जिसमें  आप एक या दो लोगों को बच्चों की देखभाल करने के लिए काम पर रख सकते हैं। एक डे केयर सेंटर शिशुओं की देखभाल करने की जगह होती है। यह कामकाजी माता – पिता को शिशु की देखभाल की सुविधा प्रदान करते हैं, यह एक व्यवसायिक संरचना है, मतलब यह एक ऐसा ढांचा है, जिसमें  काम करने वालो को अर्थिक मदद मिलती हैं। यहाँ आमतौर पर कुछ शिक्षक और कुछ काम करने वाले लोग होते हैं। यह लोग एक बड़ी संख्या के बच्चों की देखभाल करते हैं। प्रीस्कूल डे केयर भी इसी प्रकार की डे केयर व्यवस्था है, जो प्री स्कूल से मिलती जुलती हैं। इसका मतलब यह है कि बच्चे स्कूल जाने से पहले ही डे केयर सेंटर में  स्कूल की व्यवस्था का अनुभव कर लेते हैं।

स्कूल व्यवस्था आधारित डे केयर (School-Age Daycare):  यह एक ऐसा डे केयर केंद्र होता है, जो स्कूल व्यवस्था से पूरी तरह से मिलता है।  जब आप कंपनी एनालिसिस सेक्शन में अपने डे केयर केंद्र के बारे में बताते हैं,  कि किस प्रकार वहां काम होता है, तो इसके साथ – साथ आपको इसके बारे में भी जानकारी देनी चाहिए।

इस प्रकार के प्रश्नों के उत्तर भी आपको शामिल करने चाहिए :

आपने अपना डे केयर व्यवसाय कब स्थापित किया, और आपने इसे क्यों शुरू किया था?

आपने अब तक क्या उपलब्धि हासिल की ?

आपको अपने विवरण में यह भी शामिल करना होगा की,  आपके पास डे केयर व्यवसाय के लिए  कौन – कौन से नये प्रोग्राम है।  इसके अलावा ऐसी और भी ऐसी बहुत – सी चीजें हैं, जो शामिल होनी चाहिए। जैसे-

 आपका कानूनी ढांचा कैसा है।

 क्या आप एक S- Corp की स्थिति में हैं?

क्या यह एक लिमिटेड कंपनी है?  या आप प्राइवेट लिमिटेड कंपनी है?

इन सब जानकारियों को अपनी कंपनी के कानूनी ढांचे के हिस्से वाले कॉलम में लिखें ।

औद्योगिक विश्लेषण (Industry Analysis)

आप अपने औद्योगिक विश्लेषण में  आपके द्वारा चलाये जा रहे डे केयर केंद्र का संक्षिप्त विवरण जरूर दें ।

·         सबसे पहले, आपको अलग – अलग डे केयर सेंटर में जाना होगा और उन पर शोध करनी होगी। यह शोध उस बाजार को समझने में आपकी मदद करेगा जिसमें आप काम करना चाहते हैं।

·         दूसरी बात, अगर आप बाजार में जाकर शोध करते हैं, तो आपको यह समझ आएगा की लोग डे केयर व्यवसाय में किस तरह की चीजों की मांग करते हैं। लोगों का रुझान किस तरफ ज्यादा है। उदाहरण के लिए, यदि   परिवहन की सुविधा लोगों को देते हैं, तो क्या यह पसंद किया जाएगा। कहने का मतलब है, कि लोग किस तरह की चीजें डे केयर में देखना चाहते हैं, उसके बारे में विश्लेषण करे।

·     तीसरी बात, बाजार का विश्लेषण इस उद्देश्य से किया जाता है, ताकि लोग जब भी आपका बिज़नेस प्लान पढ़े, तो उनको लगे की आप एक उद्योग विशेषज्ञ हैं। विश्लेषण करने के बाद जो भी निचोड़ निकलकर सामने आया हो, उन तरीकों और और विचारों को अपनी रणनीति में शामिल करे। ऐसा करने से आप डे केयर व्यवसाय को और बेहतर बना सकते हैं।

आपकी चाइल्ड केयर व्यवसाय योजना के उद्योग रिसर्च वाले भाग में, आपको निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर भी देने चाहिए:

o   आपके चाइल्ड केयर उद्योग का आकार क्या है?

o   आपकी कंपनी के शेयर बाजार में गिर रहे हैं, या बढ़ रहे हैं।?

o   स्थानीय या राष्ट्रीय बाजार में, आपके मुख्य प्रतियोगी कौन हैं?

o   चाइल्ड केयर उद्योग में लोगों का वर्तमान रुझान क्या हैं?

o   अगले आने वाले 5 से 10 सालो में  आप अपने उद्योग की विकास दर की क्या उम्मीद रखते हैं?

o   आपके चाइल्ड केयर उद्योग का प्रासंगिक बाजार का क्या आकार है?

मतलब, आपके डे केयर व्यवसाय का बाजार कितना बड़ा है? आप राष्ट्रीय बाजार के आकार की गणना करके और फिर उस मूल्य को अपनी स्थानीय आबादी पर लागू करके, इस तरह के एक आकड़ों के द्वारा एक अनुमान लगा सकते हैं।

ग्राहक विश्लेषण (Customer Analysis )

आप किस समुदाय की सेवा करने की सोच रहे हैं अथवा कर रहे हैं।  आप विस्तार से इस मामले में विश्लेषण करे। उदाहरण के तौर पर आप युवा परिवारों को ध्यान में रखकर अपना डे केयर खोल रहे हैं, या फिर  पोते-पोतियों की देखभाल करने वाले बेबी बूमर के लिए आदि, यह आपके लिए क्लाइंट सेगमेंट के उदाहरण है।

इसके साथ ही आप जनसांख्यिकी और मनोवैज्ञानिक विशेषताओं के आधार पर अपने लक्षित दर्शकों का बंटवारा करने की कोशिश करें। जनसांख्यिकी के आधार पर, आप उम्र, लिंग, स्थान, और उन परिवारों की आय के स्तर के बारे में  बात करें, जिनकी आप मदद करना चाहते है। क्योंकि ज्यादातर डे केयर एक ही भौगोलिक क्षेत्र में ग्राहकों  की सेवा करते है। आप  जनसांख्यिकीय डेटा को सरकारी वेबसाइट पर आसानी से प्राप्त कर सकते हैं।

मनोवैज्ञानिक प्रोफाइल  से पता चलता है कि आपके लक्षित परिवारों की जरूरतें क्या है, और वो क्या चाहते हैं। आप उन्हे अच्छे से समझ सकते हैं। उनकी इच्छाओं को पहचान सकते हैं, इस प्रकार से आप परिवारों को अपने डे केयर बिज़नेस की तरफ आकर्षित कर सकते हैं। इससे उन परिवारों की आपके साथ रहने की संभावना भी बढ़ जाती है।

 प्रतियोगियों का विश्लेषण  (Competitor Analysis)

आपके प्रतिस्पर्धी विश्लेषण में आपको डे केयर व्यवसाय के अप्रत्यक्ष और प्रत्यक्ष मुकाबला करने वालों की पहचान करनी चाहिए। इसके अलावा उन लोगों के बारे में भी रिसर्च करें जो आपसे अप्रत्यक्ष रूप से भी बाद में मुकाबला करने वाले है।

आपके आस – पास के क्षेत्र में यदि कोई और भी है जो डे केयर  की सुविधा प्रदान करता है, तो वो आपका प्रत्यक्ष प्रतिद्वंदी है। अप्रत्यक्ष प्रतिद्वंदी माता – पिता के प्रत्यक्ष प्रतिद्वंदियों के विकल्प हैं। इनमें  दूसरी बातो के अलावा, बच्चों को घर पर रखना और / या  स्कूल के बाद के कार्यक्रम जैसी चीज़ें शामिल करना चाहिए।

आपको उन दूसरे डे केयर और चाइल्ड केयर सुविधाओं के बारे में भी बताना चाहिए, जिनके साथ आप सीधे मुकाबला कर रहे हो। आप एक ऐसा आकलन प्रस्तुत करें, जिसमें  आप अपने सभी  प्रतियोगी के द्वारा दी जा रही सेवाओं के बारे में  बताएं । उनके काम करने के तरीकों की और उनकी क्षमताओ की एक सूची बनाये। आप उनसे किस प्रकार से अलग है। इस बारे में भी बताए, कि  आप कैसे इन लोगों से आगे निकल सकते हैं । आपके पास क्या ख़ास है। इन सबका विवरण रखें। अपने प्रतिद्वंदियों के बारे में पूरी तरह से जानना हालांकि आपके लिए मुश्किल होगा। जब तक आपने उनके यहां काम न किया हो।  

आप इन सब सवालों के उत्तर के साथ आपको उन सभी के बारे में  महत्वपूर्ण जानकारी मिल जाएगी, जैसे कि:

·         वे किस प्रकार के माता – पिता की सहायता करने में सक्षम होते है?

·         वो किस तरह कि शिशु देखभाल सेवा प्रदान करते है?

·         उनके काम करने के कितने घंटे हैं?

·         वो इस काम की क्या कीमत लेते हैं ( प्रीमियम, सस्ता आदि )?

·         उन्होंने किस प्रकार की ऊंचाइयां प्राप्त की है?

·     इसमें क्या खामियाँ है?

आखिरी के दो सवालों के बारे में जानने के लिए आप माता – पिता के दृष्टिकोण से समझने का प्रयास करिए।

प्रबंधन टीम  (Management Team)

आप के डे केयर व्यवसाय को बढ़ाने के लिए मुख्य तौर पर आप को एक ऐसी मैनेजमेंट टीम की जरूरत है, जो आप की नीतियों को लोगों तक पहुंचा सके। कहने का आशय है कि आपके डे केयर के सफल होने की क्षमता सक्षम प्रबंधन टीम पर निर्भर करती है । यह लोग अपनी कंपनी के प्रमुख लोगों और शिक्षकों के इतिहास को हाइलाइट करें। इसके साथ ही उन प्रतिभाओं और अनुभवों पर जोर दें, जो आपके डे केयर व्यवसाय का विस्तार करने की क्षमता को प्रदर्शित करती है।

आप या आपकी टीम में  डे केयर व्यवसाय चलाने के लिए अनुभवी कुशल सदस्य होने चाहिए।  इसके साथ ही साथ आप अपनी टीम की योग्यता और कुशलता को निखारते रहे। हालांकि आपको हर उस एक विशेषता और योग्यता पर जोर देना चाहिए, जो आपको लगता है कि आपके डे केयर व्यवसाय को सफल बनाने में  मदद करेगी।

यदि आप को ऐसा लगता है कि आप की मैनेजमेंट टीम में किसी भी प्रकार की  कमी है, तब आप अलग से सलाह लेने के लिए सलाहकार बोर्ड की स्थापना भी कर सकते हैं।  आप अपने बोर्ड में ऐसे लोगों को शामिल करें, जो पहले डे केयर में काम कर चुके हैं । बोर्ड में कम से कम दो व्यक्ति या अधिक से अधिक 8 व्यक्तियों को आप अपनी जरूरत के हिसाब से भर्ती कर सकते हैं।

 डे केयर के लिए नाम को ढूंढना (Find a Name)

आपने अपने डे केयर के लिए क्या आप ने कोई नाम सोच रखा है? यदि नहीं तो इसे भी अपने व्यवसाय के लिए एक अच्छा सा नाम भी सोचे। क्योंकि आप ने अपने बिजनेस मॉडल के सभी पहलुओं  पर चर्चा कर ली है, अब जरूरत है बिजनेस मॉडल को नाम देने कि। बिजनेस मॉडल को नाम देते समय ध्यान रखें कि नाम आकर्षक भी हो और रचनात्मक भी।

जरूरतें / उपकरण (Requirements/ Equipment)

अपने डे केयर व्यवसाय को शुरू करने के लिए आपके पास पर्याप्त  मात्रा में खिलौने,  बच्चों को सिखाने के उपकरण इत्यादि  होने चाहिए। इसी के साथ बच्चों को चोट से बचाने के लिए बेबी प्रूफिंग जैसे उपकरणों की भी जरूरत पड़ेगी। फिर जैसे – जैसे आप का व्यापार बढ़ेगा। आप इसमें और चीजें बढ़ा सकते हैं। तब तक के लिए आप के पास इतने उपकरण होने चाहिए।

अगर आप बच्चों को घर से लाने और घर पहुंचाने की सुविधा देना चाहते हैं, तब आप को वैन भी खरीदनी पड़ेगी। यह सुविधा आप फ्री में  दे रहें है, या इसका भाड़ा लेना है। यह आप पर निर्भर करता है।

जनसांख्यिकी का लक्ष्य (Target Demographic

डे केयर व्यवसाय से जुड़े विज्ञापन देते समय आप हर उन पहलू पर ध्यान दें, जिससे सभी माता-पिता को पता चले कि आप बाकियों के मुकाबले क्या बेहतर दे रहे हैं। आप केवल यह सोच कर विज्ञापन ना करे, कि आप छोटे बच्चों की देखभाल करेंगे, क्योंकि हमारा मुख्य लक्ष्य बच्चों के मात-पिता भी है। इसी के आधार पर विज्ञापन करें। सही योजना के साथ किया गया काम आप को आगे बढ़ने में जरूर मदद करेगा।

जन समूह को अलग हिस्सों में विभाजित कर प्रचार करना एक तकनीक होती है। इसका उद्देश्य प्राथमिक जनसांख्यिकीय के भीतर अलग-अलग वर्गों की पहचान करना होता है, ताकि संबंध और गुणवत्ता को बनाए रखने के लिए अधिक व्यक्तिगत जानकारी प्रदान की जा सके। भौगोलिक क्षेत्र, लिंग के आधार पर, उम्र के अनुसार, जाति के अनुसार, संपत्ति के आधार पर और शिक्षा के आधार पर अलग अलग समूह बनाए जा सकते हैं।

लाइसेंस प्राप्त करें (Get Appropriate Licensing)

आप ने सारी तैयारी कर ली, आप ने कंपनी का नाम सोच लिया, बिजनेस मॉडल भी तैयार कर लिया, पैसे भी इकट्ठे हो गए। परंतु इतना ही काफी नहीं है। आखिरी और सबसे जरूरी चीज अभी बाकी है, और वो है सही कागजी कार्यवाही। जिससे व्यापार सुचारू रूप से चल सके।

1.    ट्रेड मार्क रजिस्ट्रेशन (Trademark Registration) : कानूनी स्थायित्व और या लोन वगैरह लेने में किसी भी तरह की बाधा ना आए, इसके लिए आप को प्राइवेट लिमिटेड, एल एल पी, या स्वयं के स्वामित्व होने का पंजीकरण करवाना जरूरी है। ऐसा नहीं करवाने से व्यवसाय में कानूनी बाधाएं आती रहेंगी। प्राइवेट लिमिटेड के मुकाबले एल एल पी और स्वयं के स्वामित्व के पंजीकरण के लिए कम अनुपालन और औपचारिकता की जरूरत पड़ती है। नया फर्म शुरू करते समय ट्रेडमार्क का पंजीकरण जरूर करवा लें, इससे आप के लोगो की चोरी नहीं होगी और ग्राहकों का विश्वास भी आप पर बना रहेगा।

2.    गुड्स एंड सर्विस टैक्स गुड्स एंड सर्विस टैक्स (Goods and Services Tax – GST) : जब कोई नया व्यापार शुरू करना हो तब हमें करंट अकाउंट  भी खुलवाना होता है। इसी के लिए हमारे पास जीएसटी नंबर भी होना चाहिए।

यहां पर कुछ मुश्किलों के बारे में भी बताया गया है, जो शायद लाइसेंस लेने के समय आपको झेलनी पड़ सकती है :

·         पर्याप्त जगह (Physical space): बच्चों की उम्र के अनुसार, उन्हने खेलने –कूदने और बैठने के लिए अंदर और बाहर दोनों जगह पर पर्याप्त स्थान होना चाहिए।

·         चिकित्सीय जांच (medical checkups):  डे केयर में काम कर रहे सभी कर्मचारी और बच्चों की हर साल चिकित्सीय जांच होनी चाहिए और सभी के पास रोग-प्रतिरक्षा प्रमाणपत्र होना चाहिए।

·         फायर ड्रिल (fire drills) : फायर कोड के लिए हर यूनिट में लॉग फायर ड्रिल लगी होनी चाहिए। इसके साथ ही आग लगने पर भागने की भी व्यवस्था होनी चाहिए।

·     प्रमाणपत्र (certifications) :  डे केयर में काम कर रहे कर्मचारियों के पास शिशु शिक्षा प्रमाणपत्र होना चाहिए। इसके साथ ही वहां काम कर रहे कर्मचारियों को तकनीकी प्रशिक्षण भी प्राप्त होना चाहिए।  डे केयर में काम करने का अनुभव या डे केयर शिक्षा प्रमाणपत्र इनमें कोई एक शर्त पूरी होने पर आप डे केयर में कार्य कर सकते हैं।

इन सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद आप लाइसेंस पाने के लिए एजेंट से संपर्क कर सकते हैं। आप उनसे अपॉइंटमेंट ले कर लाइसेंस की प्रक्रिया जान सकते हैं। आपके लिए और भी अच्छा होगा की एजेंट खुद आपके घर या सेंटर आकर आपको सारी जानकारी दें।

एक समझौता (An agreement)

एक बार जब आप इन सभी विशेषताओं पर काम कर लेते हैं, तब आप एक दस्तावेज तैयार कीजिए। जिसमें  आप बताएंगे की आप क्या डिलीवर करेंगे।  यह भी बताइए कि क्या नही डिलीवर करेंगे। इसके साथ ही आप अपने ग्राहकों की जरूरतों के बारे में  भी लिखिए। आपको आगे बढ़ने के लिए, नीचे लिखे हुए सवालों पर भी विचार करना होगा :

1.    माता – पिता को अपने बच्चे को कितने बजे तक ले जा सकते हैं। उसकी समय सीमा क्या है?

2.    क्या देर से आने पर बच्चों को किसी प्रकार का पनिशमेंट दिया जाएगा?

3.    आप किस तरह की सुविधाएं देंगे, और माता – पिता को अपने बच्चों के साथ कौन-कौन से चीजें देनी होगी? ( उदाहरण के तौर पर, आप फॉर्मूला दूध देंगे। माता-पिता को बच्चों को डायपर पहना के और रखकर भेजना होगा आदि )

4.    बीमार बच्चों को डे केयर में रखने के लिए आपकी क्या नीतियां हैं?

5.    आप कितने दिनों का वीक ऑफ अपने डे केयर में रखेंगे? या फिर महीनों के सातों दिन आपका डे केयर खुला रहेगा।

6.    यदि डे केयर की फीस माता-पिता देरी से देते हैं, तो उस स्थिति में आप क्या करेंगे? क्या आपके पास उसके लिए कोई योजना है?

आपके पास बहुत से ऐसे संसाधन मौजूद होंगे जिससे आप अपने बच्चे का चाइल्ड केयर कॉन्ट्रैक्ट खुद तैयार कर सकते हैं। दूसरी तरफ, एक डे केयर वकील आपके समझौते की बारीकियों को समझाने में आपकी मदद करेगा।

व्यवसाय बीमा लें (Get Business Insurance)

आपके व्यवसाय को सुरक्षित रूप से चलाने के लिए, आपको बीमा की जरूरत होगी, जैसे की आपको लाइसेंस और परमिट की जरूरत होती है। यदि आपके व्यवसाय को कभी हानि पहुँचती है या आपके व्यवसाय में किसी भी तरह का डाउन फॉल आता है, तो कंपनी की आर्थिक मजबूती के लिए व्यवसाय बीमा ही मदद करेगा।

अलग – अलग प्रकार के व्यवसायों के लिए अलग – अलग जोखिमो के साथ कई प्रकार कि बीमा नीति बनाई गयी हैं। यदि आप यह पता नहीं लगा पा रहें हैं, कि आपकी फर्म को किस प्रकार के जोखिमों का सामना करना पड़ सकता है। तो सामान्य क्षतिपूर्ति कवरेज के साथ शुरुआत करना आपके लिए अच्छा विकल्प है। यह बहुत ही सामान्य बीमा है, जो ज्यादातर छोटे व्यवसायों के लिए लिया जाता है।

आर्थिक विश्लेषण (Finance Analysis)

आपके पास रखी हुई पूंजी, बैंक से लिया हुआ कर्ज, परिवार और दोस्तों से लिया हुआ धन या व्यावसायिक साझेदारी जैसे अलग – अलग स्रोतों से ज्यादा धन प्राप्त करके, निवेश करने की आपकी क्षमता आपके व्यवसाय के आकार को बताएगी। आप कितने समय तक डे केयर व्यवसाय चला सकेंगे। यह सब आर्थिक विश्लेषण के द्वारा ही पता कर सकते हैं। आर्थिक विश्लेषण में आपके व्यवसाय के लिए अलग – अलग क्या जरूरतें होंगी। इस हिस्से को भी बताया जाना चाहिए।

आप यह भी पक्का कर लें कि आपके पास मार्केटिंग और सोशल मीडिया विज्ञापन पर काम करने के लिए भी जरूरी धनराशि हो। क्योंकि यह प्लेटफॉर्म किसी भी अच्छी तरह से काम करने वाले स्टार्ट – अप के प्रमुख घटक है। आपको कर्ज से प्रभावित संपत्ति की सुरक्षा के लिए कंपनी के अधिकृत क्रेडिट और डेबिट खातों का उपयोग करना जरूरी है। जब आपका खुद का व्यापार खाता खुला होता है, तो आपके व्यवसाय पर मुकदमा होने पर यह आपकी वित्तीय संपत्तियां ( जैसे कि आपका घर, आपकी कार, और आपसे सम्बन्धित अनेक वस्तुएं ) जोखिम से दूर रहती है । निगमन कानून को कॉर्पोरेट नियमों में पारदर्शिता लाने  के लिए जाना जाता है।

 इसके साथ ही आपको यह समझना चाहिए, कि कम्पनी कि विश्वसनियता को कैसे बनाया जाये।  आपकी विश्वसनियता कम्पनी के नाम के क्रेडिट कार्ड को और दूसरी फंडिंग को सुरक्षित रखने में  मदद करती है। इसके अलावा आपको ब्याज दरो में  कटौती, और दूसरी चीजो के साथ क्रेडिट कार्ड कि सीमा को बढ़ावा देने में  मदद मिल सकती हैं।

चाइल्ड केयर केंद्रों के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का उपयोग (Social Media Platform for Child Care Centers)

वर्तमान अर्थव्यवस्था में, विशेष रूप से छोटी फर्मो के लिए एक मजबूत ऑनलाइन उपस्थिति जरूरी हो गई है। इस तकनीक की मदद से अलग – अलग पृष्ठभूमि वाले लोगों से सम्पर्क बनाना आसान हो गया है। आपको सिर्फ एक मौलिक समझ की जरूरत है की इंस्टाग्राम या फेसबुक प्रमोशन का काम कैसे करते हैं।

आपको एक ऐसे व्यक्ति की जरूरत हो सकती है, जो सोशल मीडिया में  अनुभव रखता हो। इसके साथ ही वह आपके काम बहुत अच्छे तरीके से सोशल मीडिया प्लेटफोर्म पर प्रस्तुत करे। आपके डे केयर व्यवसाय से जुड़े सभी विषय को लोगों तक अच्छे से पंहुचा सके।

भारत में डे केयर फ्रेंचाइजी (Day Care Franchise in India)

भारत में  बहुत सारी डे केयर सेंटरों की चेन हैं, जो की बहुत जानी – पहचानी और सकारात्मक प्रभाव डालने वाली है।  कुछ सबसे प्रतिष्ठित चाइल्ड केयर फ्रेंचाइजी की सूची निम्नलिखित है।

हेल्लो किड्स (HELLO KIDS)

स्थापित: 2005 में

फ्रैंचाइज़ी शुरु हुई : 2008 से

फ्रैंचाइज़ इकाईयां : 78

शुरुआती निवेश : 2 लाख से शुरू

हेल्लो किड्स भारत में एक बहुत ही तेजी से उभरता हुआ एक प्री स्कूल व्यवसाय है। हेल्लो किड्स एक ऐसी जगह है, जहाँ बच्चे पढ़ाई के दौरान बहुत कुछ सीखते है, उनका विकास होता है।  वो सब कामों में भाग लेना सीखते हैं। यह बच्चों के मनोरंजन के लिए ऐसी माध्यमों का चुनाव करते हैं, जिससे बच्चों का विकास हो।

किड जी (KIDZEE )

स्थापित:  1999 में

फ्रेंचाइजी शुरू हुई : 1999 से

फ्रैंचाइजी इकाईयां : 1350

शुरुआती निवेश : 5 लाख से शुरु

किडज़ी एशिया का सबसे तेजी से बढ़ने वाला डे केयर फ्रैंचाइजी है। यह ज़ी लर्न लिमिटेड कंपनी का सहायक भी है। इसने अपने शुरूआती दौर से ही कई महत्वपूर्ण सफलताएं हासिल की है। यहां पर बच्चों के पसंदीदा कार्यक्रम होते हैं। यहां पर बच्चों को सुरक्षित रहने वाली शिक्षा भी दी जाती हैं, की वो कैसे खुद को सुरक्षित रखें। यह चीज बच्चों की स्कूल की शुरुआती शिक्षा और उनके खुद के विकास के लिए मददगार होती है।  किड जी समर्पित इन्नोवेटर्स की खोज कर रहा है, जो की देश के भविष्य को बदलने के लिए उसका एक हिस्सा बनना चाहें। हाल ही में एशिया के बहुत बड़े डे केयर समुदाय ने, किडज़ी फ्रेंचाइज के साथ अपना एक प्रीस्कूल खोला है।

यूरो किड्स  (EURO KIDS)

स्थापित : 1997 में

फ्रेंचाइज़ी शुरु हुई : 2001 में

फ्रैंचाइज़ी इकाइयां : 1000 से अधिक

शुरुआती निवेश : 10 लाख से शुरु

अगर आप एक डे केयर व्यवसाय खोलने की योजना बना रहे हैं। तो  यूरोकिड्स फ्रेंचाइजी आपको आगे बढ़ने में मदद करेगी। यह आपके उद्योग को शुरु करने का एक सुनेहरा मौका है। यूरोकिड्स के द्वारा आपको अधिक लाभ हो इसलिए वो हर साल के एडमिनिस्ट्रेशन के साथ व्यवहार करने की क्षमता सिखाता है। यह आपको प्री – स्कूल का व्यवसाय में दक्ष बनाने के लिए व्यापारिक टीम का सपोर्ट भी आपको देते है।  जो आपको इस व्यवसाय को सही तरीके से चलाने के लिए सलाह भी देते रहते हैं। वे एज 360° – फ्रैंचाइजी के सहायता कार्यक्रम के माध्यम से एक अच्छी व्यावसायिक यात्रा शुरू करने में  और साझेदारी करने में  भी सहायता करते हैं।

डे केयर संसाधन (Daycare Resources)

एक डे केयर सेंटर कैसे चलाया जाये और उसका प्रबंधन किस तरह से किया जाये। इन सब महत्वपूर्ण बातों को सीखने के लिए बहुत सारे संसाधन उपलब्ध है। जिनमें  से कुछ के बारे में  नीचे बताया गया है।

पाठ्यक्रम  (Courses)

1.    ट्रेनिंग. कॉम – चाइल्ड केयर कोर्स (Training.com- Child Care Course लिंक –

2.    सीसीइआइ ( चाइल्डकेयर एजुकेशन इंस्टिट्यूट ) CCEI (ChildCare Education Institute लिंक –

3.    Care Courses ( केयर कोर्सेस लिंक )

4.    Early Years Careers  (अर्ली इयर्स करियर्स लिंक )

किताबें (Books)

 डे केयर: बिज़ी पेरेंट्स गाइड टू रेज़ हेल्थी किड्स  (Daycare: Busy Parents Guide to Raise Healthy Kids

लिंक )

हाऊ टू रन अ डे केयर (How to Run a Daycare  )

गोइंग टू स्कूल  (Going to School लिंक )

द डे केयर मैन्युअल (The Day Care Manual लिंक )

विशेषज्ञ (Experts)

यूरोकिड्स की टीम तक पहुंचे

लर्निंग कर्व इंडिया आपको डे केयर के बारे में सारी जानकारी भी देगा

क्लेस्कूल भी एक ऐसी ही  फ्रेंचाइज़ है, जो आपकी मदद करेगी।

निष्कर्ष (Conclusion)

एक अच्छा डे केयर व्यवसाय योजना शुरु करना, एक रोमांचक प्रक्रिया है।  यह भविष्य में  अपने डे केयर व्यवसाय को शुरु करने के लिए और उसको बढ़ाने में आपकी मदद करेगी। यादि आप ऊपर दिये गए टेम्पलेट का पालन करेंगे और सभी महत्वपूर्ण घटकों को अपने काम में शामिल करेंगे, तो आप आखिर तक एक अच्छे एक्सपर्ट बन जाएंगे। आपको डे केयर व्यवसाय की योजना का एक पूरा खांका तैयार करना होगा। आपको यह भी समझना होगा की व्यवसाय शुरु कैसे किया जाये।  आपको जरूरत के हिसाब से अपनी फंडिंग को बचा कर रखना है, और इस तरह अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाना होगा।

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