बुटीक बिजनेस प्लान: भारत में बुटीक कैसे शुरू करें

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भारत में सबसे तेजी से बढ़ते उद्योगों में कपड़ें और फैशन से जुड़ें हुए व्यवसाय शामिल है। आज के समय में कपड़ों की मांग बहुत तेजी से बढ़ रही है। रोज नया-नया फैशन आ रहा है। लोग फैशन के दीवाने हो रहे हैं।  इस फैशन के साथ चलने के लिए  बुटीक जैसे व्यवसाय की मांग भी तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में खुद का बुटीक व्यवसाय शुरू करना काफी लाभदायक हो सकता है। आपकी फैशन की चाहत को एक बुटीक ही पूरा कर सकता है। यदि आपके पास पहले से ही फैशन डिजाइन के बारे में कोई आईडिया है, तो आप इस गाइड का पालन करके, आज से ही अपना बुटीक व्यवसाय खोलने के लिए बिजनेस प्लान बनाना शुरू करें।

भारतीय फैशन उद्योग का विकास (Growth of the Indian Fashion Industry)

भारत सैकड़ों वर्षों से रंगीन वस्त्रों और गारमेंट्स का केंद्र रहा है। चाहे वह हथकरघा हो या स्वदेशी प्रिंट, इन सब ने फैशन उद्योग में एक मजबूत घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजार स्थापित किया है। 2019-2020 में, लगभग 28.4 बिलियन डॉलर मूल्य के परिधान का निर्यात किया गया था। भारत सरकार के अनुसार, आने वाले पांच वर्षों में सिर्फ कपड़ा निर्यात क्षेत्र 11% की सीएजीआर से बढ़ने की उम्मीद है। घरेलू बाजार में यह और ज्यादा बढ़ने की उम्मीद है।  बुटीक एक आकर्षक और लाभदायक व्यवसाय है। इसमें रचनात्मकता को बढ़ावा मिलता है। इस क्षेत्र में स्थिर विकास के कई कारण है। कच्चे माल की प्रचुरता, कुशल कार्यबल, कम विनिर्माण लागत, ई-कॉमर्स श्रृंखला, और बहुत कुछ ऐसे कारकों ने फैशन उद्योग को एक उच्च मूल्य वाली संपत्ति बना दिया है। कपड़े, एक्सेसरीज और जूते कुछ सबसे ज्यादा उपयोग में लाने वाली जरूरी वस्तुएं हैं। लेकिन भारत का वैश्विक बाजार में केवल 0.2% हिस्सा है। यही वजह है कि भारतीय बाजार  में विकास की अपार संभावनाएं हैं।

बुटीक के प्रकार (Types of Boutiques)

सबसे पहले जाने की बुटीक क्या है। उसके बाद आप इस बात पर विचार करें, कि आप किस प्रकार के बुटीक को शुरू करना चाहते हैं। सबसे पहले जानते हैं कि बुटीक क्या हैं? बुटीक एक माइक्रो फैशन रिटेल आउटलेट होता है। जो लोगों को उनकी उम्र  के अनुसार विशिष्ट प्रकार के कपड़ों और एक्सेसरीज को बनाता है। वैसे तो आप अपने घर से भी बुटीक शुरू कर सकते हैं। हालांकि, एक सफल ब्रांड बनाने और इसे बढ़ाने के लिए एक व्यावसायिक स्थान से बुटीक व्यवसाय शुरू करना सबसे अच्छा रहता है।  बाजार में बुटीक के प्रकार चुनने के लिए कई श्रेणियां है। आप अपनी विशेषज्ञता के क्षेत्र, बाजार की प्रवृत्ति और ग्राहक की आवश्यकता के आधार पर, इसके प्रकार का चयन कर सकते हैं।

बुटीक मुख्यतः चार प्रकार के होते हैं:

1   परिधान (Clothing):  बुटीक व्यवसाय के प्रकार में कपड़ों की श्रेणी काफी व्यापक और विविध है। इसमें पुरुषों के कपड़े, महिलाओं के कपड़े, बच्चों के कपड़े आदि चीजें शामिल होती है। इसके अतिरिक्त, आप कैज़ुअल, फॉर्मल, एथनिक, डिज़ाइनर आदि शैली का भी चुनाव कर सकते हैं। इस प्रकार के बुटीक का एक बड़ा और बढ़ता ग्राहक आधार है। आप अपने बुटीक में  किस वर्ग के लिए कपड़ें रखने वाली है, इसके साथ ही किस प्रकार की शैली रखेगी, इन सब के बारें में अच्छे से विचार करें।

2   एक्सेसरीज (Accessories): यह श्रेणी बहुत ही यूनिक है, और इसमें कई प्रकार के प्रोडक्ट शामिल होते हैं। इसके लिए विभिन्न प्रकार की  मशीनरी और कार्यबल की भी आवश्यकता हो सकती है। यह खंड हैंडबैग, बेल्ट, टाई और आभूषण के डिजाइन और प्रोडक्ट के अंतर्गत आता है। एक्सेसरीज़ बनाना और मार्केटिंग करना अपेक्षाकृत कठिन काम है, लेकिन इससे अधिक मुनाफा मिल सकता है।

3   फुटवियर (Footwear): एक्सेसरीज की तरह, फुटवियर को डिजाइन करने और बनाने के लिए अधिक कौशल और ज्ञान की आवश्यकता होती है। फुटवियर उद्योग में बहुराष्ट्रीय ब्रांडों का दबदबा है। इस प्रकार, एक फुटवियर बुटीक एक क्षेत्रीय जनसांख्यिकीय को पूरा कर सकता है।  यदि आपका व्यवसाय लम्बे समय तक चलता है, तो आप  एक अद्वितीय ब्रांड मूल्य का निर्माण भी कर सकते हैं।

4   अन्य (Other): बुटीक में चादर, पर्दे और फर्नीचर कवर जैसे उत्पाद भी बनाए जा सकते हैं। हालांकि, इन उत्पादों को प्रिंटिंग वर्क की आवश्यकता हो सकती है।

बुटीक व्यवसाय के लिए बिजनेस प्लान (How to Create a Boutique Business Plan)

अपना बुटीक व्यवसाय शुरू करने से पहले, आपको एक बिज़नेस प्लान बनाने की भी आवश्यकता होगी। एक बिज़नेस प्लान वह खाका होता है, जिसमें आप अपने व्यवसाय को सुचारू रूप से स्थापित करने और चलाने की रूपरेखा तैयार करते हैं। इसके अलावा, यदि आपको अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए पूंजी जुटाने की आवश्यकता है, तो बिज़नेस प्लान उसमें मदद कर सकता है। इसलिए, इस मानक व्यवसाय योजना टेम्पलेट के साथ आप बुटीक व्यवसाय योजना बनाना शुरू करें। आप अपनी आवश्यकताओं के आधार पर सामग्री को संशोधित कर सकते हैं। हालांकि, नीचे बुटीक व्यवसाय शुरू करने के बारे में कुछ जरूरी बातें बताई गई है। जिन पर आपको ध्यान देना चाहिए।

कार्यकारी सारांश (Executive Summary)

जैसा कि नाम से पता चलता है, एक कार्यकारी सारांश आपके व्यवसाय का एक संक्षिप्त रूप होता है। कार्यकारी सारांश में हम अपने व्यवसाय के अधिक विस्तृत दस्तावेजों के संक्षिप्त रूपों का प्रयोग करते हैं।  कार्यकारी सारांश  जैसे दस्तावेज़ का मुख्य कार्य यह है कि बड़े दस्तावेज़ में लिखे गये सबसे महत्वपूर्ण तथ्यों या बिंदुओं को जल्दी से कोई भी समीक्षा कर सके। उसे कोई भी बिना डेटा के पर्याप्त मात्रा में पढ़ सकें, और समझ सके कि यह मुख्य रूप से क्या कह रहा है। यदि आप बिज़नेस लोन को सुरक्षित करने का लक्ष्य बना रहे हैं, तो एक कार्यकारी सारांश आपकी सफलता की दर को निर्धारित कर सकता है।

कार्यकारी सारांश बनाते समय कुछ बातों का ध्यान रखें। पहली बात कार्यकारी सारांश को छोटा रखें। यह दो पेजों से ज्यादा का न हो। कार्यकारी सारांश के लिए कोई निश्चित पैटर्न नहीं है। हालांकि, आपको अपनी कंपनी के मिशन, सूचना, यूएसपी, हाइलाइट, वित्त और भविष्य के लक्ष्यों को ध्यान में रखकर इसे बनाना चाहिए। सभी कार्यकारी  सारांश एक जैसे न बनाए। आपको अपने ग्राहकों के आधार पर सारांश तैयार करना होगा। यदि यह एक निवेशक के लिए है, तो ऐसे आकड़ों को शामिल करें जो ग्राहकों को तुरंत आकर्षित करें।

कार्यकारी सारांश  बनाते समय आप एक और महत्वपूर्ण बात है,  जिस पर विचार कर सकते हैं वह है प्रशिक्षण। हालांकि यह चीज अनिवार्य नहीं है। लेकिन यह आपके व्यवसाय में बेहद मददगार साबित होगी। यदि आपके पास डिजाइन की बुनियादी बातों, रंगो के सिद्धांत और फैशन डिजाइन के विभिन्न विषयों के कुछ अनुभव है, तो आप  प्रशिक्षण जैसी चीज डाल सकते हैं। एक डिप्लोमा कोर्स  या स्नातक डिग्री आपके बिज़नेस प्लान में जोड़ सकते हैं।

ग्राहक विश्लेषण (Customer Analysis)

जब आप अपने बुटीक के लिए व्यवसाय योजना बना रहे हों, तो उसमें  ग्राहक विश्लेषण एक महत्वपूर्ण हिस्सा होगा। जैसा कि ऊपर उल्लेख किया गया है, बुटीक विभिन्न प्रकार और उपप्रकार के हो सकते हैं। इसके अतिरिक्त, आपके द्वारा बेचे जाने वाले उत्पाद में ऐसी शैलियाँ हो सकती हैं, जो किसी विशेष आयु वर्ग के लिए अधिक उपयुक्त हों। उदाहरण के लिए, पुरुषों की शर्ट की श्रेणी के तहत, कैजुअल वियर, फॉर्मल, पार्टी-वियर, ट्रेडिशनल आदि हैं। इसलिए, अपने लक्षित ग्राहकों का विश्लेषण करके, आप उनकी जरूरतों की पहचान कर सकते हैं। यह अंततः आपको एक ऐसा प्रोडक्ट बनाने में मदद करेगा जो उन जरूरतों को बेहतर ढंग से पूरा करेगा।

ग्राहक विश्लेषण करते समय आपको तीन प्राइमरी स्टेप याद रखने होंगे –

1) ग्राहक प्रोफ़ाइल बनाएं। उसके बाद उम्र, लिंग, स्थान, खर्च करने की क्षमता आदि की पहचान करें। इसे ग्राहक विभाजन के रूप में भी जाना जाता है।

 2) फिर ग्राहकों की जरूरतों का पता लगाने के लिए आगे बढ़ें। आप इसे एक सर्वेक्षण के माध्यम से कर सकते हैं या स्थानीय बाजार में मैन्युअल शोध कर सकते हैं।

3) अंत में, प्राप्त हुए डेटा के आधार पर, आप अपने व्यवसाय और उत्पाद को ग्राहकों के हिसाब से डिजाइन कर सकते हैं कि आपके लक्षित ग्राहक आपके स्टोर पर खरीदारी करने के लिए बाध्य हो जाएं।

बुटीक व्यवसाय के लिए कानूनी आवश्यकताएं ( Boutique business legal requirements)

भारत में हर दूसरे व्यवसाय की तरह, एक फैशन बुटीक को भी कुछ लाइसेंस और परमिट की आवश्यकता होती है। लाइसेंस के लिए ज्यादा पैसे खर्च नहीं होते हैं। इसलिए, सही परिचालन लाइसेंस प्राप्त करना अनिवार्य है। नीचे उन लाइसेंसों और परमिटों की सूची दी गई है जिनकी आपको आवश्यकता होगी:

·         जीएसटी पंजीकरण (GST Registration): भारत में हर व्यवसाय  करने वाले के पास एक पंजीकृत जीएसटी नंबर होना चाहिए। यह कर और रिटर्न दाखिल करने के लिए आवश्यक है। आप इसे चार्टर्ड एकाउंटेंट के माध्यम से प्राप्त कर सकते हैं।

·         फैशन बुटीक के लिए दुकान और नामांकन लाइसेंस (Shop and Enlistment License for a Fashion Boutique): दुकान या व्यवसाय शुरू करने वाले किसी भी व्यक्ति के लिए यह अनिवार्य लाइसेंस है। आप इसे स्थानीय नगर निगम में आवेदन करके प्राप्त कर सकते हैं।

·         व्यापार लाइसेंस (Trade License): यह भारत में व्यवसाय संचालन करने के लिए एक अनिवार्य लाइसेंस भी है।

अंत में, आपको अपने ब्रांड के लोगो को भी ट्रेडमार्क करना होगा। जांचें करे कि आपका लोगो पहले से ही ट्रेडमार्क है या अन्य ब्रांडों के समान है। एक ट्रेडमार्क वकील इसमें आपकी मदद कर सकता है। कॉपीराइट उल्लंघन और आपत्तियों को रोकने के लिए यह महत्वपूर्ण है।

उपकरण की ज़रूरत (Equipment Needed)

यदि आप बुटीक के भीतर अन्य प्रकार के प्रोडक्ट का निर्माण कर रहे हैं, तो आपको विभिन्न प्रकार की मशीनरी की आवश्यकता होगी। जैसे – सिलाई मशीन, क्लॉथ प्रिंटिंग  मशीन, काटने की मशीन, स्टीम प्रेस आदि।

हालांकि, फ्रंट स्टोर बुटीक के लिए यहां आवश्यक उपकरणों की एक सूची दी गई है:

·         डिस्प्ले रैक

·         सिलाई मशीन

·         स्लेट वॉल पैनल

·         डिस्प्ले वाली अलमारी

·         पुतला

·         हैंगर

·         हुक्स

·         दर्पण

·         कुर्सियों

·         सामान का थैला

·         प्राइस टैग

आप अपने बुटीक में लगने वाली जरूरतों  के आधार पर कई अन्य उपकरण भी शामिल कर सकते हैं। बिलिंग सॉफ्टवेयर, सीसीटीवी और एक कंप्यूटर सिस्टम जैसी चीजे।

जगह (Location)

बुटीक खोलने की जगह  व्यावसायिक योजना और वास्तविक संचालन दोनों में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। आपके लक्षित जनसांख्यिकीय के करीब एक प्रमुख जगह बिक्री में तेजी से वृद्धि कर सकता है। उदाहरण के लिए, यदि आपके पास एक ऐसा बुटीक है, जो फंकी प्रिंटेड टी-शर्ट बनाता है, तो आपका लक्षित समूह ज्यादातर 16 – 24 आयु वर्ग के युवा वाला है। इसलिए, अपनी दुकान को शैक्षणिक संस्थानों और कार्यालयों के करीब रखना एक आदर्श विकल्प है। ऐसा स्थान चुनें जो आसानी से सुलभ हो और अच्छी दृश्यता लिए हो।

प्रतिद्वंद्वी विश्लेषण (Competitor Analysis)

एक अच्छी तरह से किया गया प्रतिद्वन्द्वी विश्लेषण आपके व्यवसाय को आगे बढ़ाने और प्रतिद्वन्द्वीयों पर बढ़त हासिल करने में आपकी मदद कर सकता है। एक बार जब आप यह समझ जाते हैं कि आपके प्रतिद्वन्द्वी क्या कर रहे है, तो उसके बाद आपको ऐसी  व्यवसायिक रणनीतियाँ विकसित करने में मदद मिल सकती है, जो आपके लाभ के लिए काम करती हों। सबसे पहले, पहचानें कि आपके प्रतिद्वन्द्वी कौन हैं, और आपके लक्षित दर्शक उन्हें कैसे रेट करते हैं। इससे आपको अंदाजा हो जाएगा कि वे ग्राहकों को कैसे अपने पास बुलाते हैं। अपने प्रतिस्पर्धियों की ताकत, कमजोरियों, अवसरों और खतरों को समझने के लिए उनका SWOT विश्लेषण करें।

मार्केटिंग रणनीति (Marketing Strategy)

एक सफल व्यवसाय के लिए एक शानदार विपणन रणनीति सर्वोपरि है। इसके लिए  एक वेबसाइट और सोशल मीडिया अकाउंट बनाकर उसे हैंडल करके शुरुआत करें। आज के समय में लंबी अवधि के ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए सोशल मीडिया मार्केटिंग बेहद प्रभावी हो गई है। आपके मार्केटिंग अभियानों को बनाते समय हमेशा आपके ग्राहकों को ध्यान में रखना चाहिए। यदि आप अपना प्रोडक्ट किसी बड़े आयु वर्ग को बेच रहे हैं, तो आपके अभियानों को प्राइसिंग के निर्धारण को प्राथमिकता देनी चाहिए। यदि आपकी यूएसपी सस्टेनेबल फैशन हैं, तो अपने विज्ञापनों और पोस्ट में उस पर जोर दें। ब्लॉग, गेस्ट पोस्टिंग और सशुल्क विज्ञापन अक्सर ग्राहकों से जुड़ने के कुछ सर्वोत्तम तरीकों में से एक हैं।

वित्तीय योजना (Financial Plan)

वित्तीय योजना आपके बुटीक की रीढ़ की हड्डी होती है। इसलिए इसे बनाते समय सबसे ज्यादा सावधानी बरतें। ख़ासकर के खर्चों पर विचार करते समय बहुत सावधान रहें। आपको दुकान के किराए, साज-सज्जा, उपकरण, स्टॉक, वेतन और कई अन्य खर्चों को ध्यान में रखना होगा। आपके स्थान की निकटता और आपके द्वारा खरीदे जाने वाले उपकरणों की गुणवत्ता के आधार पर लागत अलग-अलग होगी। उदाहरण के लिए, कुछ पैसा दर्जी, डिज़ाइनर, प्रशासनिक कर्मचारी और चौकीदार इन सब को देना होगा। इन बातों को ध्यान में रखकर अपनी वित्तीय योजना बनाए। एक सर्च के अनुसार, छोटे पैमाने पर बुटीक शुरू करने के लिए, आपको कम से कम 5 लाख रुपये के निवेश की आवश्यकता होगी।

बुटीक व्यवसाय से जुड़ी सफल कहानियां (Boutique Business Success Stories)

फैशन बुटीक नप्पा डोरी:  लगभग सभी बुटीक छोटे रूप से ही शुरू होते हैं और कई सालों की कड़ी मेहनत के बाद वे बड़े फैशन लेबल के रूप में निकल कर सामने आते हैं। एक बुटीक को रडार  में  लाने के लिए आपके अनूठे उत्पाद और लगातार मार्केटिंग  वाली मेहनत काम आती है, और इसे करने में वर्षों लग जाते हैं। उदाहरण के लिए लग्जरी फैशन बुटीक नप्पा डोरी को ही लें। दिल्ली के हौज खास गांव में यह एक छोटे से स्टोर के रूप में शुरू हुआ, अब यह 20 से अधिक देशों में फैल गया है।

फैबइंडिया : आप घरेलू ब्रांड फैबइंडिया से भली भांति परिचित होंगे। इसकी शुरुआत भारत में पारंपरिक कारीगरों और डिजाइनरों का समर्थन करने के मिशन के साथ 60 साल पहले हुई थी।

इसलिए, अपने बुटीक को फैशन ब्रांड में बदलने का सबसे अच्छा तरीका है यह है, कि आप छोटे स्तर से शुरुआत करके, लगातार इसकी बेहतरीन मार्केटिंग करते रहे। समय-समय पर नई-नई चीजे अपने बुटीक व्यवसाय में जोड़ते रहें।

निष्कर्ष (Conclusion)

भारत सरकार ने छोटे और मध्यम स्तर के व्यवसायों की मदद के लिए कई तरह की योजनाएं शुरू की हैं। आप भी इसका लाभ उठा सकते हैं। भारत सरकार द्वारा महिला उद्यमियों को अत्यधिक प्रोत्साहित किया जाता है। क्रेडिट गारंटी फंड योजना या TUFS योजना कुछ सरकारी स्कीम है, जो आपकी मदद कर सकती है। भारतीय फैशन उद्योग में अपनी जगह बनाने का यही सबसे सही समय है।  यहां दी गई गाइड को शुरुआती बिंदु के रूप में उपयोग करके, आप आज ही अपनी बुटीक व्यवसाय योजना तैयार करना शुरू कर सकते हैं।

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